
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए एक भयावह हवाई हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में करीब 400 लोगों की जान चली गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना को लेकर भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।
भारत सरकार ने इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस अमानवीय कृत्य के जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। साथ ही, भारत ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और अफगानिस्तान की जनता के साथ एकजुटता दिखाई है।
विदेश मंत्रालय का सख्त बयान
इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस तरह के बर्बर और कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान को निशाना बनाया गया, वह कोई सैन्य ठिकाना नहीं था, बल्कि एक अस्पताल था, जहां मरीजों का इलाज चल रहा था।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील और मानवीय स्थल पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का खुला उल्लंघन है। इस तरह की कार्रवाई किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
नागरिकों को बनाया गया निशाना
हमले के समय अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज और स्टाफ मौजूद थे, जो इलाज में जुटे हुए थे। ऐसे में इस तरह का हमला साफ तौर पर आम नागरिकों को निशाना बनाने जैसा है। भारत का मानना है कि पाकिस्तान इस घटना को सैन्य कार्रवाई बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
भारत ने इस हमले को अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा प्रहार बताया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
भारत ने कहा कि पाकिस्तान की यह कार्रवाई उसकी पुरानी नीति को दर्शाती है, जिसमें वह अपने आंतरिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सीमा पार तनाव और हिंसा का सहारा लेता है। इस तरह के कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को भी बढ़ावा देते हैं।













