न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

ग्लोबल तनाव का दबाव! सिर्फ 10 दिनों में FIIs ने भारतीय बाजार से ₹48,213 करोड़ निकाले, घरेलू निवेशकों की बढ़ी चिंता

अप्रैल के पहले 10 दिनों में FIIs ने भारतीय शेयर बाजार से ₹48,213 करोड़ निकाल लिए, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। जानिए कैसे वैश्विक तनाव, महंगाई और कमजोर रुपये का असर निवेशकों के रुख पर पड़ रहा है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 12 Apr 2026 1:13:50

ग्लोबल तनाव का दबाव! सिर्फ 10 दिनों में FIIs ने भारतीय बाजार से ₹48,213 करोड़ निकाले, घरेलू निवेशकों की बढ़ी चिंता

अंतरराष्ट्रीय हालातों में जारी अस्थिरता का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अप्रैल के शुरुआती 10 दिनों में ही विदेशी निवेशकों की तेज बिकवाली ने बाजार की दिशा को प्रभावित कर दिया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) ने इस दौरान करीब ₹48,213 करोड़ की बड़ी रकम बाजार से बाहर निकाल ली है, जिससे घरेलू निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

इससे पहले मार्च महीने में भी विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड स्तर पर निकासी की थी। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में करीब ₹1.17 लाख करोड़ का आउटफ्लो दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक निकास माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि फरवरी में ₹22,615 करोड़ का निवेश देखने को मिला था, लेकिन उसके बाद अचानक रुख बदलने से बाजार को बड़ा झटका लगा। साल 2026 की बात करें तो अब तक कुल विदेशी निकासी ₹1.8 लाख करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है।

वैश्विक तनाव और महंगाई का दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से गहरा गई हैं। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक जोखिम वाले बाजारों से दूरी बना रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा, रुपये में कमजोरी और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियां भी FII की लगातार बिकवाली के पीछे अहम कारण मानी जा रही हैं। इन सभी कारकों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था की धारणा पर भी पड़ रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हो रहा है।

दूसरे बाजारों की ओर झुकाव

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशक अब एशिया के अन्य उभरते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं। खासतौर पर दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों में उन्हें बेहतर ग्रोथ की संभावनाएं नजर आ रही हैं। इसके मुकाबले भारत के लिए वित्त वर्ष 2027 (FY27) का ग्रोथ आउटलुक थोड़ा नरम माना जा रहा है, जो निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहा है।

सीजफायर की खबर भी नहीं लाई राहत

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम (ceasefire) की खबर सामने आई थी, जिससे बाजार में कुछ राहत की उम्मीद जगी थी। हालांकि, इसका असर ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया। जानकारों का कहना है कि कई निवेशकों ने इस मौके का इस्तेमाल और अधिक मुनाफावसूली और निकासी के लिए किया, जिससे बाजार में सुधार देखने को नहीं मिला।

कब बदल सकता है रुख?

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी के लिए कुछ अहम संकेतकों का सुधरना जरूरी है। इसमें सबसे पहले वैश्विक तनाव में कमी, रुपये की स्थिरता और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे शामिल हैं। जब तक ये कारक सकारात्मक दिशा में नहीं जाते, तब तक बाजार में विदेशी निवेश की वापसी की उम्मीद सीमित ही नजर आती है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- बीजेपी आस्था का प्रतीक, विपक्ष अपराध और कुशासन का
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
दिवाली पर पटाखे जलाने की मिली सीमित छूट, सुबह-शाम सिर्फ इतने घंटे मिलेगी अनुमति
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
INDIA गठबंधन की दिल्ली रैली में कितनी थी भीड़? कपिल सिब्बल ने बताया अपना अनुमान
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
'बीजेपी को कूड़ा-कचरा इकट्ठा करने की आदत', तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने पर सौरभ भारद्वाज का तंज
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
10 लाख की भीड़ के दावे पर उठे सवाल, शिंदे गुट के नेता ने राहुल गांधी की रैली को बताया फ्लॉप
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
सोनिया गांधी ने दिल्ली में लालू यादव से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल; तेजस्वी भी रहे मौजूद
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
अमिताभ बच्चन की ट्रॉली पर लगा बुलेटप्रूफ कवर, जलसा के बाहर फैंस से मिलने पहुंचे बिग बी
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
धनतेरस 2026 कब है, 6 या 7 नवंबर? जानें सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
हैदराबाद में अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, दिल्ली की रैली को बताया 'घुसपैठिया बचाओ रैली'
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
बाइक को ही बना दिया चलता-फिरता पंचर सर्विस सेंटर, एयर कंप्रेसर और औजार लेकर मौके पर पहुंचता है मैकेनिक
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
धनतेरस पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलतियां, जानें सही दिशा और जरूरी नियम
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल
दूल्हे का दोस्त है या दुश्मन? दुल्हन के सिर पर चला दी स्पार्कल गन, आग लगने का वीडियो वायरल