
रविवार को लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर दिया। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक अवसर रहा, क्योंकि यह पहला मौका है जब देश का आम बजट रविवार के दिन सदन में रखा गया। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड भी कायम किया। बजट के ऐलानों के बाद देशभर में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम बढ़े हैं या घटे हैं। खासतौर पर बीड़ी और सिगरेट को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि बजट 2026 में इन तंबाकू उत्पादों को लेकर सरकार ने क्या फैसला लिया है।
बीड़ी पीने वालों को राहत, सिगरेट पर बढ़ा बोझ
बजट 2026 में तंबाकू उत्पादों को लेकर मिला-जुला असर देखने को मिला है। जहां एक ओर बीड़ी पीने वालों के लिए राहत की खबर सामने आई है, वहीं सिगरेट पीने वालों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ा है। बजट के प्रावधानों के अनुसार बीड़ी की कीमतों में कटौती की गई है, जिससे यह पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएगी।
इसके उलट, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद सस्ते नहीं हुए हैं। 1 फरवरी 2026 से इन पर नया एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू कर दिया गया है। पहले सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ कंपेंसेशन सेस लगता था, लेकिन अब इसे बदलकर अधिकतम 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी कर दिया गया है। यह अतिरिक्त ड्यूटी सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति स्टिक तय की जाएगी, साथ ही संबंधित सेस भी लगाया जाएगा। इस बदलाव के बाद सिगरेट पीने वालों को पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी अहम फैसले किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खासतौर पर कैंसर से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कैंसर की 17 जरूरी दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव रखा है। इससे इन दवाओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है और इलाज पहले के मुकाबले सस्ता हो सकेगा।
इसके साथ ही सरकार ने दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए भी राहत का दायरा बढ़ाया है। मेडिकल जरूरतों के लिए दवाओं, मेडिसिन और विशेष पोषण आहार के पर्सनल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने के उद्देश्य से 7 और दुर्लभ बीमारियों को इस सूची में शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है।
इन सेक्टरों को भी मिली कस्टम ड्यूटी में छूट
बजट 2026 में सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि रक्षा, ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों पर भी सरकार का फोकस साफ नजर आता है। वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र की इकाइयों के लिए मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) जरूरतों में इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट पार्ट्स के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव रखा है। इससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा बैटरी सेक्टर को मजबूती देने के लिए भी अहम ऐलान किया गया है। लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर पहले से दी जा रही बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल निर्माण तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं, सोलर एनर्जी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने की घोषणा की गई है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में जहां बीड़ी पीने वालों को राहत मिली है, वहीं सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर सख्ती बढ़ाई गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में ड्यूटी में छूट देकर सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संतुलित कदम उठाने की कोशिश की है।













