
लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 2026-27 का बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है और इस बार उन्होंने शिक्षा और रोजगार क्षेत्र पर विशेष जोर दिया। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाने और कौशल आधारित रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
एजुकेशन सेक्टर के लिए बजट का आकार
बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 1,39,289 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह राशि विभिन्न योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए वितरित की जाएगी, जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
शिक्षा क्षेत्र में प्रमुख घोषणाएँ
- वित्त मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए, जिन्हें इस प्रकार संक्षेप में प्रस्तुत किया जा रहा है:
- 5 नए विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करने की घोषणा की गई है।
- हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- पशु चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने पर जोर, ताकि कृषि और पशुपालन क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार हो सकें।
- ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ नामक हाई-पावर्ड स्थायी समिति की स्थापना। यह समिति सेवा क्षेत्र पर केंद्रित उपाय सुझाएगी, जो विकसित भारत 2047 के विजन में रोजगार के प्रमुख चालक साबित होगा।
- भारत को AI हब बनाने की योजना का ऐलान।
- नई नौकरियों का सृजन, विशेषकर शिक्षा और सेवा क्षेत्र में।
- होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए नए कैंपस की स्थापना।
- पूर्वी भारत में डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा देने हेतु नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना।
- चार टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण या अपग्रेडिंग, ताकि एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिले।













