न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

दिन में तीन बार रंग बदलता है ताजमहल, निर्माण में 1,000 हाथियों का किया गया था इस्तेमाल; जाने इससे जुड़ी कुछ और रोचक बातें

ताजमहल भारत के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा है। इसका निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Wed, 15 Sep 2021 11:52:57

दिन में तीन बार रंग बदलता है ताजमहल, निर्माण में 1,000 हाथियों का किया गया था इस्तेमाल; जाने इससे जुड़ी कुछ और रोचक बातें

ताजमहल भारत के आगरा शहर में स्थित एक विश्व धरोहर मक़बरा है। इसका निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। प्यार के प्रतीक के रूप में देखे जाने वाले ताजमहल की गिनती दुनिया के 7 अजूबों में भी की जाती है और सिर्फ भारत के लोग ही नहीं इस खूबसूरत जगह को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक यहां आते हैं। भव्यता के कारण 1983 में ताजम​हल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बना। वहीं इसे भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया जा चुका है। वैसे ताजमहल के बारे में काफी हद तक लोगों को जानकारी होगी ही, लेकिन आज हम आपको इससे जुड़ी कुछ रोचक बाते बताने जा रहे है जिनकों जानने के बाद आपको बेहद मजा आने वाला है।

एक बात जो आपको बेहद अजूबी लगे, लेकिन ये सच हर कि ताज दिन में अपना तीन बार रंग बदलता है। रंग में बदलाव रोशनी और समय के आधार पर देखने को मिलता है। ताजमहल सुबह के वक्त गुलाबी और शाम के समय दूधिया सफेद और चांदनी में सुनेहरा दिखाई देता है। अगर आप एक से ज्यादा बार अलग-अलग समय पर ताजमहल देखने गए हैं, तो आपने इस बात पर गौर जरूर किया होगा कि ताजमहल का रंग दिन के समय कुछ और रात एक समय कुछ होता है। अगर आपने ये चीज गौर नहीं की है, तो इस बार जरूर करें।

दिन में तीन बार रंग बदलता है ताजमहल, निर्माण में 1,000 हाथियों का किया गया था इस्तेमाल; जाने इससे जुड़ी कुछ और रोचक बातें

मजदूरों के नहीं काटे गए थे हाथ

ताजमहल से जुड़ा फैक्ट जो सबसे ज्यादा लोगों द्वारा एकदूसरे को बताया जाता है कि शाहजहाँ ने मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे, ताकि इस जैसा स्मारक फिर से न बन सके। इस बात में कितनी सच्चाई है इस बात के साक्ष्य अभी नहीं मिले हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि श्रमिकों को न केवल अच्छी तनख्वाह दी जाती थी बल्कि ताजमहल के निर्माण के लिए आवश्यक उनके कौशल के लिए भी उनका सम्मान किया जाता था।

ताजमहल के केंद्र में शाहजहाँ और मुमताज महल दोनों की कब्रें हैं। ये कब्रें खाली स्मारक मकबरे हैं और दोनों को नीचे एक कक्ष में अचिह्नित कब्रों में दफनाया गया है क्योंकि इस्लाम में कब्रों की सजावट मना होती है।

दिन में तीन बार रंग बदलता है ताजमहल, निर्माण में 1,000 हाथियों का किया गया था इस्तेमाल; जाने इससे जुड़ी कुछ और रोचक बातें

मध्य प्रदेश में बनना था ताजमहल

सुनने में आपको ये अजीब लगे, लेकिन ताजमहल आगरा में नहीं बनाया जाना था। इससे पहले बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) में बनना था, जहां मुमताज की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई थी, लेकिन दुर्भाग्य से, बुरहानपुर में पर्याप्त संगमरमर की आपूर्ति नहीं हो पाई और इसलिए आखिर में आगरा में ताजमहल बनाने का निर्णय लिया गया।

हालाँकि, जब ताज के बारे में बात की जाती है, तो शाहजहाँ और मुमताज महल के बीच प्रेम कहानी पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है। आपको बता दें ताज के बाहर कई मकबरे हैं, लेकिन उसी परिसर में जहां शाहजहां की अन्य पत्नियों और पसंदीदा नौकरों को दफनाया गया है।

15 वर्षों में तैयार हुआ सिर्फ गुंबद, 20 हजार से अधिक मजदूर लगाए गए थे


42 एकड़ में फैले इस अद्भुत ताजमहल को बनाने के लिए करीब 20 हजार से अधिक मजदूर लगाए गए थे और 22 वर्षों (1631 - 1653) में ताजमहल बनकर पूरा हुआ। कई चरणों में इसका काम पूरा किया गया। सिर्फ गुंबद बनाने में ही 15 वर्ष लग गए थे, शेष 7 वर्षों में बाकी काम पूरा किया गया। इस दौरान 1000 से अधिक हाथियों की मदद से संगमरमर के पत्थरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम किया जाता था। ताजमहल मुख्य रूप से सफेद संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर था जिसे परिवहन की आवश्यकता थी, और इसे पूरे भारत और मध्य पूर्व से प्राप्त किया गया था। लाल बलुआ पत्थर फारसी वास्तुकला में आम है और दिल्ली में लाल किला और जामा मस्जिद जैसी अन्य मुगल संरचनाओं में भी इन पत्थरों को देखा जा सकता है, जबकि सफेद संगमरमर का उपयोग परमात्मा के प्रतिनिधित्व के रूप में किया गया था।

दिन में तीन बार रंग बदलता है ताजमहल, निर्माण में 1,000 हाथियों का किया गया था इस्तेमाल; जाने इससे जुड़ी कुछ और रोचक बातें

विदेशों से कुशल कारीगरों को बुलाया गया था

जड़ाई के काम के लिए कीमती और अर्ध-कीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था जो लगभग 28 विभिन्न प्रकार के थे। ये पत्थर श्रीलंका, तिब्बत, चीन और यहां तक कि भारत के कई स्थानों से मंगवाए गए थे। दीवारों में उकेरी गई सुलेख में कुरान के छंद शामिल हैं जिनमें स्वर्ग की बातें लिखी गई हैं। ताजमहल को बनाने के लिए ​विदेशों से कुशल कारीगरों को बुलाया गया था। उनमें से 37 दक्ष कारीगर इकट्ठे किए गए, जिनकी देखरेख में करीब बीस हजार मजदूरों ने काम किया। शिल्पकार उस्ताद अहमद लाहौरी इसके निर्माण कार्य के प्रमुख थे। लाहौरी पर्शियन थे और उन्हें ईरान से बुलाया गया था।

लकड़ी पर टिकी इमारत

यह बात जानकर आपको हैरानी होगी कि ताजमहल की इमारत एक लकड़ी पर बनाई गई है। इस लकड़ी को नमी की जरूरत होती है। जैसे—जैसे इसे नमी मिलती है ये और मजबूत होती है। यही कारण है कि ताजमहल का निर्माण यमुना नदी के किनारे किया गया। ताजमहल के चारों तरफ चार मीनारें बनाई गई हैं। ये मीनारें ताजमहल को संतुलन देती हैं। इन मीनारों को बाहर की तरफ हल्का सा झुकाव दिया गया है ताकि आपदा के समय ये मीनारें मकबरे पर न गिरकर बाहर की ओर गिरें।

दिन में तीन बार रंग बदलता है ताजमहल, निर्माण में 1,000 हाथियों का किया गया था इस्तेमाल; जाने इससे जुड़ी कुछ और रोचक बातें

काला ताजमहल भी बनवाना चाहते थे शाहजहाँ

ये बात जानकार आपका मजा शायद और बढ़ जाए, आपको बता दें शाहजहाँ सफेद संगमरमर के ताजमहल के अलावा काला ताजमहल भी बनवाना चाहता था। शाहजहाँ ने ताजमहल का कार्य पूरा करने के बाद नदी के उस पार संगमरमर में एक और ताजमहल बनवाने का इरादा बनाया था, लेकिन वो इच्छा शाहजहाँ की पूरी न हो सकी, क्योंकि उसके बेटे औरंगजेब ने 1658 में उसे बंदी बना लिया था।

हिंदूओं के दावे, शिव मंदिर है ताजमहल

हिंदू समुदाय के लोगों का दावा है कि ताजमहल वास्तव में शिवमंदिर है। इसका नाम तेजोमहालय है। उनका तथ्य है कि शाहजहां की बेगम का नाम मुमताज़ था, मुमताज़ की स्पेलिंग में आखिर में ज़ेड आता है ज​बकि ताजमहल में जे। इसके अलावा यदि इसमें मुम शब्द को लगा रहने देते तो भी कुछ नहीं बिगड़ता, फिर मुम शब्द क्यों हटाया गया। इसके अलावा महल मुस्लिम शब्द नहीं है। किसी भी मुस्लिम देश में ऐसी इमारत नहीं है जिसके नाम में महल शब्द का प्रयोग किया गया हो. पी एन ओक की पुस्तक ताजमहल इज़ ए हिन्दू टेंपल में ऐसी तमाम दलीलें देखी जा सकती हैं जो इस इमारत को शिव मंदिर साबित करती हैं।

ताजमहल के सभी फव्वारे एक साथ काम करते है इनके नीचे एक टैंक लगा है। टैंक भरने के बाद दबाव बनने पर ये फव्वारे एकसाथ पानी छोड़ते हैं।

अगर आप ये सोचते हैं कि कुतुब मीनार को ताजमहल से ऊंचा माना जाता है, तो आप गलत हैं। क्योंकि ताजमहल पांच फीट के अंतर के साथ कुतुब मीनार से भी लंबा है।

औरंगाबाद में बना बीवी का मकबरा ताजमहल की नकल से बनाया गया था। उसे मिनी ताजमहल भी कहा जाता है।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा प्रशासनिक कदम, 17 वर्षों से अयोध्या में तैनात RMO अर्जुन देव का हुआ तबादला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा प्रशासनिक कदम, 17 वर्षों से अयोध्या में तैनात RMO अर्जुन देव का हुआ तबादला
राम मंदिर जाने से पहले अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, देर रात कार्रवाई पर पत्नी ने उठाए सवाल
राम मंदिर जाने से पहले अजय राय को पुलिस ने लिया हिरासत में, देर रात कार्रवाई पर पत्नी ने उठाए सवाल
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई डबल डेकर वोल्वो बस; 4 की मौत, कई घायल
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर से टकराई डबल डेकर वोल्वो बस; 4 की मौत, कई घायल
प्रतापगढ़ में प्रेम विवाह बना जानलेवा, युवक की गोली मारकर हत्या; पत्नी के भाई सहित तीन नामजद
प्रतापगढ़ में प्रेम विवाह बना जानलेवा, युवक की गोली मारकर हत्या; पत्नी के भाई सहित तीन नामजद
दिल्ली में आज से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता पहले से रखें ये जरूरी जानकारी तैयार
दिल्ली में आज से शुरू हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घर-घर पहुंचेंगे BLO; मतदाता पहले से रखें ये जरूरी जानकारी तैयार
'वेलकम टू द जंगल' ने चौथे दिन भी बनाए रखी रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर शानदार पकड़; दुनियाभर में कमाए 106 करोड़
'वेलकम टू द जंगल' ने चौथे दिन भी बनाए रखी रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर शानदार पकड़; दुनियाभर में कमाए 106 करोड़
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर चंपत राय का पहला बयान, बोले- हेराफेरी में नहीं था कोई हाथ; नैतिक जिम्मेदारी जरूर स्वीकार
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर चंपत राय का पहला बयान, बोले- हेराफेरी में नहीं था कोई हाथ; नैतिक जिम्मेदारी जरूर स्वीकार
केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, सिया के वकील को लेकर विवाद; आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस
मुहर्रम पॉइजनिंग केस: बदले की आग में फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में भर रहा था कैप्सूल
मुहर्रम पॉइजनिंग केस: बदले की आग में फैयाज ने इंदौर से मंगाया 40 किलो जहर, गेस्ट हाउस में भर रहा था कैप्सूल
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय से 3 घंटे तक चली पूछताछ, कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय से 3 घंटे तक चली पूछताछ, कई सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले
'पेट्रोल के दाम तुरंत घटाएं', ट्रंप ने तेल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी; बोले- अमेरिकी जनता के हित में लें सही फैसला
'पेट्रोल के दाम तुरंत घटाएं', ट्रंप ने तेल कंपनियों को दी सख्त चेतावनी; बोले- अमेरिकी जनता के हित में लें सही फैसला
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलीं मायावती, कहा- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, लेकिन राजनीति से बचें
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बोलीं मायावती, कहा- दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, लेकिन राजनीति से बचें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सभी 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, बार एसोसिएशन ने पैरवी से किया इनकार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सभी 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, बार एसोसिएशन ने पैरवी से किया इनकार
Amarnath Yatra 2026: बारिश और बर्फबारी के बीच अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं? बैग में जरूर रखें ये 15 जरूरी सामान
Amarnath Yatra 2026: बारिश और बर्फबारी के बीच अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं? बैग में जरूर रखें ये 15 जरूरी सामान