
गुजरात राज्य का सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा शहर हैं अहमदाबाद जो कि यहां की पूर्व राजधानी भी हैं। साबरमती नदी के किनारे स्थित अहमदाबाद गुजरात में व्यापार और वाणिज्य का केंद्र है। अहमदाबाद ने खुद को कपड़ा उद्योग के रूप में स्थापित किया और “ईस्ट के मैनचेस्टर” का उपनाम अर्जित किया। अपने व्यापार के साथ ही यह पर्यटन के लिए भी जाना जाता हैं। ये शहर जितना खूबसूरत है, उतना ही खूबसूरत यहां के भव्य मंदिर भी हैं जिनके दर्शन कर आप घूमने का पूरा आनंद ले सकते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको अहमदाबाद के खूबसूरत मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जो यहां का आकर्षण बनते हैं। तो आइये जानते हैं इन मंदिरों के बारे में...

अक्षरधाम मंदिर
आपको अपनी अहमदाबाद यात्रा की शुरुआत इस मंदिर से करनी चाहिए। अक्षरधाम मंदिर अहमदाबाद के गांधीनगर इलाके में बना है। अक्षरधाम मंदिर गुजरात के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में से एक माना जाता है और 23 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। भगवान स्वामीनारायण इस मंदिर के पीठासीन देवता हैं। इसे 6000 टन गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनाया गया है। ये मंदिर वास्तुशिल्प चमत्कार, मंदिर कला, संस्कृति और भक्ति का एक आदर्श समामेलन है। इसमें भगवान स्वामीनारायण की एक जटिल नक्काशीदार संरचना है, जो इस खूबसूरत मंदिर के विशाल लॉन में खड़ी है।

हाथीसिंह मंदिर
यह जैन मंदिर 1848 में बनाया गया था और यह धर्मनाथ (पंद्रहवें जैन तीर्थंकर) को समर्पित है। इसके अलावा, आंगन में 52 उप-मंदिर हैं जो विभिन्न अन्य तीर्थंकरों को समर्पित हैं। तीन बाहरी किनारों पर बड़े उभरे हुए बरामदें हैं, सजाए गए स्तंभ और मूर्तिकला कोष्ठक हैं। सामने के प्रवेश द्वार के पास 78 फीट लंबा महावीर स्तम्भ भी है। दरअसल, कुछ आकृति मुगल काल के सल्तनत मीनारों से प्रेरित हैं।

वैष्णोदेवी मंदिर
यह गांधीनगर रोड पर स्थित है और अहमदाबाद के सबसे अच्छे मंदिरों में से एक है। यह मंदिर जम्मू और कश्मीर में माता वैष्णो देवी तीर्थ की प्रतिकृति है। इसे मानव निर्मित पहाड़ी पर बनाया गया है और इस मंदिर के दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता है। नवरात्रि के त्योहार के दौरान आपको यहां जरूर जाना चाहिए। त्योहार के सभी नौ दिन यहां बहुत उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। पास में ही एक तिरुपति बालाजी मंदिर भी है, जिसे आप इस मंदिर में जाते समय देख सकते हैं।

स्वामीनारायण मंदिर
अहमदाबाद के कालूपुर क्षेत्र में स्थित, श्री स्वामीनारायण मंदिर (जिसे अक्षरधाम मंदिर भी कहा जाता है) नारायण देव को समर्पित एक मंदिर है। 1822 में निर्मित, यह स्वामी नारायण संप्रदाय का पहला मंदिर है जिसे ब्रिटिश काल में स्वामी आदिनाथ के द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर को बर्मी टीक की लकड़ी से बनाया गया था। इस पर की गई नक्काशी बेहद खूबसूरत है और कई धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख की गई आकृतियों को यहां उकेरने की कोशिश की गई थी और उनमें सुंदर रंग भी भरे गए थे। स्वामीनारायण ने इस मंदिर में कई मूर्तियों को स्थापित किया था, इसके अलावा उन्होने वह मूर्तियां भी यहां लाकर स्थापित की थी, जो वह अपने पूजाघर में रखते थे। इस मंदिर में कई धर्मो का प्रदर्शन होता है, उनके भगवान यहां रखे गए है और कई उनकी मूर्तियों का भी प्रदर्शन किया गया है। नर नारायण इस मंदिर के प्रमुख देवता है। इस मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष भाग है जहां उनके लिए शिक्षा और समारोह होते है। यह मंदिर, रंगों का उत्सव है जो पुराने शहर के प्राचीन रंग में डूबा हुआ है।

इस्कॉन मंदिर
गुजरात समाचार प्रेस के पास स्थित, अहमदाबाद में इस्कॉन मंदिर आध्यात्मिकता का अनुभव करने के लिए सबसे अच्छी जगह है। ये मंदिर हरे कृष्ण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। इस्कॉन मंदिर बेहद शांति रहती है, जहां आप कुछ देर बैठकर ध्यान कर सकते हैं।

दादा भगवान मंदिर
दादा भगवान मंदिर (अदालज त्रिमंदिर के नाम से भी जाना जाता है) अहमदाबाद से 20 किलोमीटर दूर अहमदाबाद-कलोल राजमार्ग पर अदलज गांव में स्थित एक त्रिमंदिर है। दादा भगवान फाउंडेशन द्वारा निर्मित, त्रिमंदिर एक अनूठी धार्मिक अवधारणा को सामने लाता है जहां सभी धार्मिक देवताओं की मूर्तियों को एक समान मंच पर रखा गया है।

जगन्नाथ मंदिर
भगवान जगन्नाथ को विराजित करते ही क्षेत्र की रौनक में चार चाँद लग गए। यहाँ भगवान जगन्नाथ, बलभद्रजी तथा देवी सुभद्रा की आकर्षक प्रतिमाएँ आने वाले हर भक्त का मन मोह लेती हैं। तत्पश्चात 1878 से आषाढ़ी बीज के दिन निकाली जाने वाली रथयात्रा अब यहाँ की परंपरा का हिस्सा बन गई है। इस दौरान मंदिर की विशेष रूप से साज-सज्जा भी की जाती है। रथयात्रा में शामिल होने वाले भक्त स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं। जय रणछोड़, माखनचोर की गूँज के साथ भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए यहाँ दूर-दूर से आए भक्तों का ताँता लगा रहता है। इसके मद्देनजर यहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। भक्तों का मानना है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से ही सारी इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। यहाँ महामंडलेश्वर महंत नरसिंहदासजी महाराज द्वारा 'भूखे को भोजन' इस भाव से सदाव्रत शुरू किया गया है। इसके तहत आज भी यहाँ प्रतिदिन हजारों गरीब, भिखारी और जरूरतमंद लोग पेट की भूख को शांत करते हैं।

देवेंद्रेश्वर महादेव मंदिर
यह अहमदाबाद के सबसे पवित्र और लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक है। मंदिर भगवान महादेव को समर्पित है। इसमें देवी दुर्गा की एक सुंदर मूर्ति भी है और वास्तुकला भी उल्लेखनीय है। इस मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होती है। यहां महाशिवरात्रि का त्यौहार बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस मंदिर के पिछले हिस्से में एक नदी भी है जहां से आप मनोरम दृश्य का आनंद ले सकते हैं।














