
दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' साल 1999 में रिलीज हुई थी। इसमें सलमान खान, ऐश्वर्या राय, अजय देवगन की अहम भूमिका थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। कहानी, एक्टिंग और गानों के कारण लोग आज भी इस फिल्म को याद करते हैं। फिल्म में एक्ट्रेस शीबा चड्ढा (52) सहायक अभिनेत्री के रूप में नजर आई थीं। उन्होंने हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में फिल्म के दौरान सलमान को लेकर हुई एक बात का खुलासा किया है। शीबा से पूछा गया कि क्या भंसाली के गुस्सा करने वाली खबरें सच हैं? इस पर एक्ट्रेस ने कहा कि मुझे लगता है कि ये रेप्युटेशन बहुत बाद में आई, लेकिन तब मैंने उन्हें आपत्तिजनक तरीके से बिहेव करते हुए नहीं देखा।
आप निश्चित रूप से कह सकते थे कि वो एक बहुत ही पैशनेट डायरेक्टर थे। उनमें ये अंदाज तो था कि वे अपनी पहली फिल्म में बड़े सितारों के साथ काम कर रहे थे, लेकिन मुझे नहीं याद कि उन्होंने कभी अपना आपा खोया हो। मुझे उनसे कभी डर नहीं लगा। लेकिन सलमान, हां, वो काफी...गुस्सैल स्वभाव के हैं। मुझे कुछ घटनाएं याद हैं। ये बहुत पहले की बात है। तो कुछ ऐसा हुआ कि सलमान लड़खड़ा गए। कोई ट्रैक वगैरह था। या तो सलमान लड़खड़ा गए या गिर गए या कुछ और हुआ, और मुझे याद है कि वे सेट से बाहर निकल गए।
वे सेट से बाहर निकल गए...उन्होंने दरवाजा जोर से बंद किया और वहां एक बेचारा बूढ़ा लाइटमैन था, शायद उसे चोट लग गई। लेकिन हां, वे गुस्से में चले गए। मुझे याद है कि मैंने तब सोचा था-बाप रे, क्या स्टार्स ऐसे ही बिहेव करते हैं? ये वाकई एक चौंकाने वाला मोमेंट था, लेकिन इसके अलावा सलमान में 'बाकी सब कुछ बहुत अच्छा' था। सलमान के अचानक चले जाने के बाद फिल्म की शूटिंग रुक गई और फिर भंसाली ने उनके साथ बातचीत कर उन्हें मनाया था। इसी तरह एक सीन में सलमान को मुझे गले लगाना था, लेकिन उन्होंने इस सीन को फिल्माने से इनकार कर दिया था।
इसके लिए एक बार फिर भंसाली ने उन्हें समझाया और उनसे बात की। ये पूछे जाने पर कि सलमान को गुस्से में देख क्या उनके बर्ताव में कोई बदलाव आया तो शीबा ने कहा कि मैं आपको बता सकती हूं कि इससे मेरी परफॉर्मेंस पर कोई असर नहीं पड़ा। मुझे अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करना था। मैं अपने को-स्टार्स के बारे में नहीं सोच सकती, अगर मैं ऐसा करूंगी तो मैं उस मोमेंट में मौजूद नहीं रहूंगी। शीबा के वर्कफ्रंट पर नजर डालें तो वह 'रईस' और 'जीरो' में शाहरुख खान की मां का रोल निभा चुकी हैं। वह अमेजन प्राइम वीडियो की लोकप्रिय सीरीज 'मिर्जापुर' में भी नजर आई थी। शीबा अब जल्द ही नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' में ‘मंथरा’ का किरदार निभाएंगी।

फरहान और सलमान के पिता जावेद अख्तर व सलीम खान ने लिखी थी ‘शोले’ की कहानी
बॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में से एक ‘शोले’ के 15 अगस्त को रिलीज के 50 साल पूरे हो जाएंगे। हाल ही में मशहूर गीतकार व लेखक जावेद अख्तर के बेटे फिल्ममेकर व एक्टर फरहान अख्तर ने फिल्म से जुड़ा एक अनसुना किस्सा शेयर किया है। फरहान ने प्रखर गुप्ता के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि इस फिल्म की असली ताकत उसकी भावनात्मक कहानी थी। पूरी कहानी ठाकुर के बदले के इर्द-गिर्द थी, जब उसके हाथ काट दिए जाते हैं।
हम सब जय-वीरू की बातों में उलझ जाते हैं, लेकिन असली कहानी तो उस ईमानदार पुलिस अफसर की थी, जो एक डाकू से अपने परिवार की हत्या का बदला लेने निकलता है। वो दो बेकार लोगों को साथ रखता है और असली एंड में वो गब्बर को मार देता है, लेकिन इमरजेंसी की वजह से एंडिंग बदलनी पड़ी। अब वह ओरिजिनल एंडिंग उपलब्ध है, जिसमें ठाकुर अपने पैरों से गब्बर को कुचलता है और फिर रो पड़ता है।
जब पापा और सलीम साहब को एंडिंग बदलनी पड़ी, तो वो मजाक में कहने लगे थे कि अब तो गांववाले, पुलिस, सब आ गए, बस पोस्टमैन ही रह गया है। उन्हें पुलिस का आना और एंडिंग समझ नहीं आई, लेकिन मजबूरी थी। बता दें फिल्म को जावेद अख्तर और सलमान खान के पिता सलीम खान ने लिखा था। इसके डायरेक्टर रमेश सिप्पी थे और संगीत आरडी बर्मन का था। लोगों को आज भी इसका एक-एक कैरेक्टर याद है।














