
फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी ने हाल ही में दिवंगत अभिनेत्री दिव्या भारती से अपनी पहली मुलाकात और उनके अचानक निधन से जुड़े भावनात्मक अनुभवों को याद किया। ‘शोला और शबनम’ में काम कर चुके निहलानी ने बताया कि उन्होंने दिव्या से पहली बार कैसे मुलाकात की और उनके दुखद निधन के बाद उन्हें क्या महसूस हुआ।
पहली मुलाकात और पहली छाप
पहलाज निहलानी ने साझा किया कि संगीत निर्देशक जतिन ने उन्हें सबसे पहले दिव्या भारती से मिलवाया था। निहलानी ने बताया, “पहली बार जब उन्होंने दिव्या को मेरे पास लाया, तो उनकी तस्वीरों से मैं प्रभावित नहीं हुआ। वह तस्वीरों में मोटी दिख रही थीं और मैं हमेशा तस्वीरों के आधार पर ही किसी का आकलन करता हूं। इसलिए पहली छाप कुछ खास नहीं थी।”
कुछ महीने बाद, ‘शोला और शबनम’ की शूटिंग शुरू होने से पहले, जतिन ने दिव्या को फिर से निहलानी से मिलवाया। इस बार निहलानी ने उन्हें किसी रोल के लिए चुनने से पहले थोड़ा वजन कम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “जब वह दोबारा मेरे पास आईं, तब तक शूटिंग शुरू हो चुकी थी। जतिन ने कहा कि अब वह ठीक लग रही हैं। मैंने कहा, वह कल से शूटिंग शुरू कर सकती हैं।”
अस्पताल में अकेली थीं दिव्या
1993 में दिव्या भारती के अचानक गिरने के बाद अस्पताल की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर निहलानी ने बताया, “जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब वह बिल्कुल अकेली थीं। उनके परिवार का कोई सदस्य वहां नहीं था। जैसे ही मुझे खबर मिली, मैं तुरंत अस्पताल पहुंचा।”
सेट पर समर्पण की मिसाल
‘शोला और शबनम’ के सेट पर दिव्या भारती की मेहनत और समर्पण को याद करते हुए निहलानी ने कहा, “वह लगातार काम करती रहीं। उनके पैर में कील लगी थी, लेकिन रात 3 बजे से सुबह 6 बजे तक वह गाने की शूटिंग के लिए तैयार थीं। मैंने उन्हें बताया कि शूटिंग रद्द कर दी गई है।”
छाती पर बैठकर उठाने की घटना
दिव्या भारती की समर्पण भावना को दर्शाने के लिए निहलानी ने एक हैरान कर देने वाली घटना बताई। उन्होंने कहा, “सुबह की शूटिंग रद्द होने के बाद मैं सो रहा था। तभी वह मेरे कमरे में आईं, हाउसकीपिंग से दरवाजा खुलवाया और मेरी छाती पर बैठकर बोलीं, ‘उठो!’ मेरी पत्नी ने पूछा, ‘यह लड़की कौन है?’ मैं और मेरी पत्नी दोनों सो रहे थे और वह सीधे मेरे पेट पर बैठ गई।”














