
द ग्रेट इंडियन कपिल शो के लेटेस्ट एपिसोड में बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार संजय दत्त और सुनील शेट्टी मेहमान बनकर पहुंचे। इस एपिसोड में दोनों सितारों ने अपनी दोस्ती, फिल्मी सफर और इंडस्ट्री के बदलते दौर को लेकर खुलकर बातचीत की। खासकर जब बात नए एक्टर्स की आई तो संजय दत्त ने अपने बेबाक अंदाज में उन्हें खुला चैलेंज दिया।
नए एक्टर्स पर संजय दत्त का तंज
कपिल शर्मा ने दोनों से मल्टीस्टारर फिल्मों के दौर के बारे में पूछा। इस पर संजय दत्त ने कहा कि अब एक्टर्स के बीच इनसिक्योरिटी बहुत बढ़ गई है, इसलिए वैसी फिल्में बनना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, “आजकल के एक्टर्स एक-दूसरे को लेकर इनसिक्योर हो जाते हैं। अपने दौर में मैंने दिलीप कुमार, संजीव कुमार और शम्मी कपूर जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उनसे मैंने सीखा और कभी भी इनसिक्योरिटी महसूस नहीं की। अगर मेरी लाइन्स अन्ना (सुनील शेट्टी) बोल देते थे या मैं उनकी बोल देता था, तो कोई फर्क नहीं पड़ता था। हमारी प्राथमिकता फिल्म होती थी।”
40 साल इंडस्ट्री में टिकने का चैलेंज
नए एक्टर्स को लेकर संजय दत्त ने सख्त लहजे में कहा, “आजकल के एक्टर्स एक हिट फिल्म के बाद खुद को सुपरस्टार मान लेते हैं। लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि पहले 40 साल यहां टिककर दिखाओ। असली चुनौती यही है। जितना आप विनम्र रहेंगे, उतना आगे बढ़ेंगे। यह इंडस्ट्री किसी एक की नहीं है, सबको मिलकर इसे संवारना चाहिए।”
सुनील शेट्टी ने भी रखी अपनी राय
संजय दत्त की बात का समर्थन करते हुए सुनील शेट्टी ने भी कहा कि उनके दौर में इनसिक्योरिटी नहीं थी। उन्होंने बताया कि जब उनकी फिल्म ‘बलवान’ हिट हुई थी, तब लोगों ने उन्हें कमतर कहा। लेकिन उन्होंने संजय दत्त, गोविंदा, सनी देओल और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े कलाकारों से प्रेरणा ली और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश की। सुनील शेट्टी ने कहा कि पहले लोग एक-दूसरे की तारीफ करते थे, लेकिन आज की पीढ़ी का माइंडसेट बदल गया है। सोशल मीडिया और वर्चुअल दुनिया ने उन्हें ज्यादा असुरक्षित बना दिया है।
दोस्ती और इंडस्ट्री का बदला दौर
इस एपिसोड में दोनों कलाकारों ने अपनी दोस्ती और पुराने दिनों को भी याद किया। संजय दत्त और सुनील शेट्टी ने साफ कहा कि इंडस्ट्री में कामयाब होने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है। केवल एक हिट फिल्म से करियर नहीं बनता। उन्होंने नए एक्टर्स को यह सलाह दी कि धैर्य, विनम्रता और मेहनत ही उन्हें लंबे समय तक टिकाए रख सकती है।
यह एपिसोड न सिर्फ मनोरंजन से भरपूर रहा, बल्कि इसमें बॉलीवुड की असलियत और बदलते दौर की झलक भी दिखाई दी। संजय दत्त का यह चैलेंज नए एक्टर्स के लिए एक बड़ा सबक है कि असली स्टारडम समय, संघर्ष और निरंतरता से मिलता है, न कि सिर्फ एक हिट फिल्म से।














