
भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि नीला माधब पांडा की सह-निर्मित फिल्म स्पाइंग स्टार्स (Spying Stars) को दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (BIFF) के नए प्रतिस्पर्धात्मक सेक्शन में चुना गया है। यह इस बार का एकमात्र भारतीय सह-निर्माण है जो फेस्टिवल में प्रतियोगिता में उतरेगा। इस फिल्म का चयन ऐसे समय में हुआ है जब फेस्टिवल ने अपनी 30वीं वर्षगांठ पर गैर-प्रतिस्पर्धात्मक स्वरूप से प्रतिस्पर्धात्मक प्रारूप की ओर कदम बढ़ाया है।
बुसान फेस्टिवल का नया अध्याय
बुसान फिल्म फेस्टिवल ने इस साल एक व्यापक प्रतिस्पर्धात्मक खंड की शुरुआत की है, जिसमें कुल 14 फिल्मों का चयन किया गया है। ये फिल्में पांच प्रमुख श्रेणियों—सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, स्पेशल जूरी प्राइज, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और आर्टिस्टिक कॉन्ट्रिब्यूशन—में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। विजेताओं को थाई फिल्मकार और आर्टिस्ट अपिचातपोंग वीरासताकुल द्वारा डिज़ाइन की गई ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
फिल्म की कहानी और सार
स्पाइंग स्टार्स की कहानी आनंदी (इंदिरा तिवारी) नाम की एक बायोटेक्निशियन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए हनुमान आइलैंड पहुंचती है। वहां महामारी के कारण उसे एक सुनसान होटल में क्वारंटीन कर दिया जाता है। इस बीच, जब एक रहस्यमयी तारा उसका पीछा करने लगता है, तो वह वहां से भागकर एक मां और उसकी ट्रांसजेंडर बेटी के पास शरण लेती है। यह कथा मशीन-प्रधान दुनिया, महामारी, तकनीकी निगरानी और मानवता की खोज जैसे विषयों को गहरे दार्शनिक अंदाज में पिरोती है।
फिल्म के निर्देशक और निर्माता की दृष्टि
फिल्म का निर्देशन कैमरा डि’ओर विजेता विमुक्ति जयसुनदरा ने किया है, जबकि निर्माण नीलामाधब पांडा ने संभाला है। पांडा, जो आई एम कलाम और कड़वी हवा जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाते हैं, इस फिल्म को एक आध्यात्मिक यात्रा बताते हैं। उनका कहना है कि स्पाइंग स्टार्स केवल एक फिल्म नहीं बल्कि भय, मौन और शांति के बीच आत्ममुक्ति की तलाश है।
जयसुंदरा ने अपनी फिल्म पर विचार करते हुए कहा, "मेरी फिल्म इस बात का चित्रण है कि कैसे वह सुव्यवस्थित और तथाकथित उपकरण-नियंत्रित दुनिया, जिससे हम परिचित थे, टूटकर एक अनजान और असहज वास्तविकता बन गई। यह एक मुक्तिदायक फिल्म है जो आध्यात्मिक प्रकृति की है। यह एक प्रश्न पूछती है: व्यापक ताक-झांक और तकनीकी नियंत्रण के दौर में, हम अपनी मानवता को कैसे बनाए रखें?"
कलाकार और तकनीकी टीम
फिल्म में इंदिरा तिवारी के साथ कौशाक्या फर्नांडो और समनाली फोंसेका अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसके सह-निर्माताओं में विन्सेंट वांग (यूथ, स्ट्रे डॉग्स), अरफी लाम्बा और काथरीना सुकेले (लोएव, द रोड टू मंडले) और मिशेल क्लेन शामिल हैं।
—छायांकन: ईशित नारायण (गुलमोहर, करीब करीब सिंगल)
—संगीत: आलोकानंदा दासगुप्ता (सेक्रेड गेम्स)
—संपादन: समन अल्विटिगाला
नीला माधब पांडा की नई पारी
स्पाइंग स्टार्स नीलामाधब पांडा की स्टूडियो इलीनोरा इमेजेज़ (Eleeanora Images) की पहली बड़ी फिल्म है, जिसके बाद वे तीन कथा-फिल्मों और दो डॉक्यूमेंट्रीज़ की नई कंटेंट स्लेट पर काम करेंगे। उनकी अगली फिल्म, जो अब तक की उनकी फिल्मोग्राफी से बिल्कुल अलग होगी, 2026 की शुरुआत में फ्लोर पर जाएगी।
यह चयन न केवल भारतीय सिनेमा के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय फिल्मकार अब वैश्विक मंचों पर नई सोच और संवेदनशील विषयों के जरिए अपनी पहचान और अधिक मजबूती से दर्ज करा रहे हैं।














