
गुलशन कुमार हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। मशहूर क्रिमिनल लॉयर उज्जवल निकम ने दावा किया है कि संगीतकार नदीम सैफी इस हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड था। 90 के दशक में म्यूजिक इंडस्ट्री पर राज करने वाले कैसेट किंग गुलशन कुमार की 1997 में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, लेकिन अब तक इस हत्या की असली वजह पर रहस्य बना हुआ था।
उज्जवल निकम ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस की जांच के अनुसार हत्या की साजिश दुबई में रची गई थी और इसमें सबसे बड़ी भूमिका नदीम की थी। उन्होंने कहा, “हां, नदीम का हाथ था। इसी वजह से वो अब तक भारत नहीं लौट रहा। अगर उसका इससे कोई लेना-देना नहीं होता, तो वो ट्रायल फेस करता। लेकिन वह अभी भी बाहर है, क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं करना चाहता।”
निकम ने यह भी बताया कि एक समय नदीम ने भारत लौटने की इच्छा जताई थी, लेकिन जब उनसे ट्रायल फेस करने की बात हुई, तो वह पीछे हट गया।
अनुराधा पौडवाल और अल्का याज्ञनिक से जुड़ी राइवलरी बनी वजह
सबसे चौंकाने वाली बात उज्जवल निकम ने यह बताई कि गुलशन कुमार और नदीम के बीच की राइवलरी सिर्फ एल्बम प्रमोशन या पैसे की नहीं थी, बल्कि इसका गहरा संबंध गायिकाओं अनुराधा पौडवाल और अल्का याज्ञनिक से जुड़ा था।
उनका कहना था कि –“अनुराधा पौडवाल गुलशन कुमार की गायिका थीं और अल्का याज्ञनिक नदीम की पसंदीदा। इस राइवलरी ने व्यक्तिगत अहं और वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले लिया। पुलिस को भी यही लगता है कि इसी कारण हत्या की नींव रखी गई।”
कैसे हुई थी हत्या?
12 अगस्त 1997 को मुंबई में, जब गुलशन कुमार एक मंदिर में पूजा करके लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उन्हें 16 गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस निर्मम हत्या ने पूरे देश को हिला दिया था।
हत्या के कुछ ही दिनों बाद, 30 अगस्त को खबर सामने आई कि नदीम-श्रवण की मशहूर जोड़ी के नदीम का इस हत्याकांड में नाम सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदीम गुलशन कुमार द्वारा अपने म्यूजिक एल्बम 'हाय अजनबी' को सही तरह से प्रमोट न करने से नाराज था।
लेकिन उज्जवल निकम के ताजा दावे से यह साफ होता है कि ये विवाद सिर्फ एक एल्बम या पेशेवर नाराजगी का नहीं था, बल्कि यह म्यूजिक इंडस्ट्री के अंदर चल रही राजनीति, राइवलरी और वर्चस्व की जंग का नतीजा था।
नदीम अब कहां है?
कई साल लंदन में रहने के बाद नदीम अब दुबई में रह रहा है। वह भारत नहीं लौटना चाहता क्योंकि उसे डर है कि वहां उसका ट्रायल होगा और सच सामने आ जाएगा।
गुलशन कुमार हत्याकांड से जुड़े नए खुलासे न सिर्फ म्यूजिक इंडस्ट्री की काली परतें उजागर करते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि किस तरह कला की दुनिया में भी प्रतिष्ठा, प्रतिस्पर्धा और निजी हितों की लड़ाई जानलेवा बन सकती है। नदीम को लेकर उज्जवल निकम का यह बयान अब इस केस को लेकर नई बहस और जांच की मांग को जन्म दे सकता है।














