
मद्रास हाईकोर्ट ने दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी की संपत्ति को लेकर शुरू हुए नए विवाद में हस्तक्षेप किया है। यह संपत्ति चेन्नई की ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर स्थित है, जिसे श्रीदेवी ने 19 अप्रैल 1988 को विधिवत पंजीकृत दस्तावेज़ के साथ खरीदा था। इस मामले में फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने तीन व्यक्तियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने झूठे आधार पर संपत्ति पर स्वामित्व जताने की कोशिश की है। अदालत ने इस संबंध में तांबरम तहसीलदार को चार हफ्तों के भीतर स्पष्ट फैसला लेने का आदेश दिया है।
विवाद की जड़ और संपत्ति का इतिहास
इस विवादित ज़मीन का इतिहास 1960 से जुड़ा हुआ है, जब मूल मालिक एम.सी. संबंदा मुदलियार ने इसे अपने तीन बेटों और दो बेटियों के बीच आपसी सहमति से बांटा था। बाद में इसी हिस्सेदारी के आधार पर श्रीदेवी ने यह ज़मीन खरीदी और इसे फार्महाउस के रूप में इस्तेमाल किया। लंबे समय तक इस संपत्ति पर श्रीदेवी और उनके परिवार का पूर्ण अधिकार और उपयोग रहा।
अचानक उठे नए दावे
वर्षों बाद तीन लोग—जिन्होंने खुद को मुदलियार के बेटे की कथित दूसरी पत्नी और उसके बच्चे बताया—ने इस संपत्ति पर उत्तराधिकार का दावा किया। अपने दावे को मजबूत करने के लिए उन्होंने 2005 में तांबरम तहसीलदार से एक लीगल हेयरशिप सर्टिफिकेट हासिल किया। इसी दस्तावेज़ को आधार बनाकर वे अब फार्महाउस पर स्वामित्व जताने की कोशिश कर रहे हैं।
बोनी कपूर का पक्ष
बोनी कपूर ने अदालत में दलील दी कि तहसीलदार के पास ऐसा प्रमाणपत्र जारी करने का कोई अधिकार नहीं था, क्योंकि मूल मालिक मुदलियार मायलापुर के निवासी थे। साथ ही, उन्होंने कथित दूसरी शादी को अवैध करार दिया और कहा कि इस आधार पर दावा करने वाले तीनों लोग हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत कानूनी वारिस नहीं ठहराए जा सकते। कपूर ने सभी आवश्यक दस्तावेज़ और सबूत पेश करते हुए कहा कि श्रीदेवी ने यह संपत्ति पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत खरीदी थी।
अदालत का आदेश
जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तांबरम तहसीलदार को निर्देश दिया कि पूरे मामले की गहन जांच की जाए और चार सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय सुनाया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संपत्ति के स्वामित्व का विवाद अब तहसीलदार की निष्पक्ष जांच और निर्णय पर निर्भर करेगा।
भावनात्मक पहलू भी जुड़ा
यह मामला केवल कानूनी जटिलताओं की वजह से ही नहीं, बल्कि भावनात्मक कारणों से भी खासा चर्चा में है। श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की उन महान अभिनेत्रियों में थीं जिनकी 2018 में हुई असमय मृत्यु ने लाखों प्रशंसकों को झकझोर दिया था। अब उनकी खरीदी गई इस संपत्ति को लेकर उठे विवाद ने उनके प्रशंसकों का ध्यान एक बार फिर इस ओर खींच लिया है।














