
कन्नड़ सिनेमा जगत से दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक दिनेश मंगलुरु का सोमवार तड़के निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने उडुपी स्थित अपने घर पर सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली। 55 वर्षीय दिनेश अपनी दमदार भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। केजीएफ में उन्होंने बॉम्बे डॉन का किरदार निभाकर खूब सराहना बटोरी थी। इसके अलावा किच्चा और किरिक पार्टी जैसी फिल्मों में भी उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया।
स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे दिनेश
स्थानीय अखबार उदयवाणी की रिपोर्ट बताती है कि फिल्म कांतारा की शूटिंग के दौरान उन्हें अचानक स्ट्रोक आया था। इलाज के लिए उन्हें बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कुछ समय में ठीक भी हो गए थे। हालांकि, पिछले एक वर्ष से उनकी तबीयत बार-बार बिगड़ रही थी। हाल ही में उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें अंकदक्कट्टे सुरेगोन अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, वह ब्रेन हैमरेज की वजह से लंबे समय से परेशान थे और आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए।
फिल्मों से थिएटर तक का सफर
दिनेश मंगलुरु का करियर बेहद बहुमुखी रहा। मुख्यधारा के सिनेमा में नाम कमाने से पहले उन्होंने थिएटर में अभिनय किया और फिर कला निर्देशक के तौर पर कई फिल्मों से जुड़े। राणा विक्रम, अंबारी, सवारी, इंति निन्ना बेटी, आ डिंगी और स्लम बाला जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी। इसके अलावा प्रार्थना, तुगलक, बेट्टादा जीवा, सूर्य कांति और रावण जैसी फिल्मों ने भी उनके फिल्मी सफर को समृद्ध किया।
अंतिम यात्रा और परिवार
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, दिनेश का पार्थिव शरीर सोमवार शाम बेंगलुरु लाया जाएगा। मंगलवार सुबह 8 बजे से लग्गेरे स्थित उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए आम जनता को अनुमति दी जाएगी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार सुमनहल्ली श्मशान घाट पर किया जाएगा।
उडुपी जिले के कुंदापुर में जन्मे दिनेश लंबे समय से बेंगलुरु में निवास कर रहे थे। उनके परिवार में पत्नी भारती और दो बेटे – पवन व सज्जन हैं। उनके निधन से कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री ने एक प्रतिभाशाली कलाकार को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।














