
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ की रिलीज़ से ठीक पहले एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। अदालत ने उन 20 से अधिक वेबसाइटों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है, जो संभावित रूप से फिल्म की पायरेसी में लिप्त हो सकती हैं। यह निर्णय फिल्म निर्माताओं की उस याचिका के बाद आया जिसमें ऑनलाइन पायरेसी से फिल्म को हुए संभावित नुकसान की आशंका जताई गई थी।
न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और डोमेन होस्टिंग कंपनियों को इन वेबसाइटों को 72 घंटों के भीतर ब्लॉक करना होगा। साथ ही, इन वेबसाइटों के मालिकों की पूरी जानकारी अदालत को दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध करानी होगी। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पायरेसी केवल फिल्म उद्योग को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधि नहीं है, बल्कि यह रचनात्मकता और बौद्धिक संपदा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। न्यायालय ने यह भी माना कि किसी भी फिल्म की रिलीज के पहले और बाद में पायरेसी का खतरा सबसे अधिक होता है, और इसे रोकने के लिए तुरंत और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ की बात करें तो इसमें अक्षय कुमार एक बार फिर वकील जगदीश्वर मिश्रा के रूप में नजर आएंगे, जबकि फ्रेंचाइज़ी के पहले और सबसे लोकप्रिय किरदार ‘ओजी जॉली’ यानी अरशद वारसी भी इस बार फिल्म में वापसी कर रहे हैं। इन दोनों के साथ एक बार फिर अभिनेता सौरभ शुक्ला भी जज त्रिपाठी की अपनी चर्चित भूमिका में दिखाई देंगे। सौरभ शुक्ला इस फ्रेंचाइज़ी के इकलौते ऐसे कलाकार हैं जो तीनों फिल्मों का हिस्सा रहे हैं, और उनके किरदार को दर्शकों ने हमेशा सराहा है।
‘जॉली एलएलबी’ सीरीज़ की यह तीसरी किस्त दर्शकों के बीच पहले से ही चर्चा का विषय रही है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें न केवल मुख्य किरदारों की वापसी हो रही है, बल्कि ट्रेलर और प्रचार ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। यह फिल्म ऐसे समय में रिलीज हो रही है जब बॉक्स ऑफिस पर अनुराग कश्यप की फिल्म 'निशानची' से सीधी टक्कर होगी। निशानची से शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के पोते ऐश्वर्या ठाकरे अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने जा रहे हैं, जिससे यह बॉक्स ऑफिस क्लैश और भी दिलचस्प हो गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश फिल्म निर्माताओं के लिए राहत भरा कदम है, जिससे न केवल उनकी मेहनत की रक्षा होगी, बल्कि यह आने वाले समय में अन्य प्रोडक्शन हाउसेज़ के लिए भी एक मजबूत उदाहरण पेश करेगा कि पायरेसी के खिलाफ कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।














