
तृप्ति डिमरी और सिद्धांत चतुर्वेदी की फिल्म धड़क 2 को लेकर शुरुआत में दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री को खासा भरोसा था। दमदार स्टारकास्ट और गंभीर सामाजिक विषय पर बनी होने के बावजूद फिल्म वो जादू नहीं चला सकी जिसकी कल्पना की जा रही थी। हालांकि फिल्म की स्क्रिप्ट, परफॉर्मेंस और म्यूजिक की तारीफ जरूर हो रही है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
मंगलवार यानी पांचवें दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कितना रहा?
जब धड़क 2 ने सिनेमाघरों में दस्तक दी, तब पहले से ही सैयारा जैसी रोमांटिक म्यूजिकल ड्रामा फिल्मों की हवा जोरों पर थी। अहान पांडे और अनीत पड्डा की फ्रेश केमिस्ट्री ने दर्शकों को बांधे रखा, जिससे धड़क 2 को ओपनिंग से ही ठंडा रिस्पॉन्स मिला।
इतना ही नहीं, सन ऑफ सरदार 2 और महावतार नरसिम्हा जैसी फिल्मों ने भी सिनेमाघरों में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी, जिससे धड़क 2 को टिकट खिड़की पर सांस लेने का भी मौका नहीं मिला।
आइए जानें अब तक फिल्म ने कितनी कमाई की:
पहले दिन: ₹3.5 करोड़ की शुरुआत
दूसरे दिन: ₹3.75 करोड़
तीसरे दिन: ₹4.15 करोड़
चौथे दिन: गिरकर ₹1.35 करोड़
पांचवें दिन (मंगलवार): ₹1.60 करोड़ (सैकनिल्क की रिपोर्ट अनुसार)
कुल 5 दिन की कमाई: ₹14.35 करोड़
बजट रिकवरी बनी चुनौती
धड़क 2 को बनाने में कुल अनुमानित लागत ₹45 करोड़ रही — जिसमें लगभग ₹35 करोड़ फिल्म के निर्माण पर और ₹10 करोड़ मार्केटिंग व प्रचार पर खर्च किए गए। लेकिन रिलीज के पांच दिन बीत जाने के बाद भी फिल्म ₹15 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है, जो इसे निर्माताओं के लिए घाटे का सौदा साबित कर सकता है।
इतने बड़े बजट और अनुभवी कलाकारों के बावजूद फिल्म का इस तरह फ्लॉप होना दर्शाता है कि सिर्फ अच्छी कहानी और अभिनय से सफलता सुनिश्चित नहीं होती, जब तक मार्केटिंग रणनीति और रिलीज़ टाइमिंग सही न हो।
फिल्म की कहानी और कास्टिंग पर एक नज़र
धड़क 2 को शाज़िया इक़बाल ने निर्देशित किया है, जबकि इसका निर्माण करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। यह फिल्म 2018 में आई धड़क की स्पिरिचुअल सीक्वल मानी जा रही है।
फिल्म की कहानी अंतरजातीय प्रेम और सामाजिक भेदभाव जैसे संवेदनशील विषयों पर आधारित है। यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि कैसे भारतीय समाज में जातिगत बंधनों के कारण प्रेम संबंधों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी की जोड़ी में गहराई तो है, लेकिन उसे सही तरीके से परदे पर उतार पाने में फिल्म नाकाम रही। यही कारण है कि कंटेंट की सराहना के बावजूद दर्शकों से जुड़ाव नहीं बन पाया।
प्रचार और टाइमिंग में हुई चूक
जहां दूसरी फिल्में सीमित बजट और कम प्रचार के बावजूद दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं, वहीं धड़क 2 ने साबित कर दिया है कि सफल बनने के लिए सिर्फ एक्टिंग और स्टोरी नहीं, बल्कि सही टाइमिंग, प्रभावशाली मार्केटिंग और प्रतिस्पर्धी प्लानिंग भी जरूरी है।
अब देखना यह होगा कि धड़क 2 की टीम आगे क्या रणनीति अपनाती है और क्या फिल्म की कमाई में आगे कुछ सुधार देखने को मिलता है या नहीं। फिलहाल, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस की उस लिस्ट में शामिल होती नजर आ रही है, जिसे देखकर निर्माता चिंता में पड़ जाते हैं।














