टेलीविजन और फिल्मों के बीच अंतर को लेकर अभिनेता रोहित रॉय के हालिया बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। टीवी को अपने करियर की शुरुआत का अहम हिस्सा बनाने वाले रोहित ने एक हालिया इंटरव्यू में टेलीविजन को ‘डस्टबिन मीडियम’ बताया था। साथ ही उन्होंने फिल्म और टीवी कलाकारों के पब्लिक अपीयरेंस, स्टाइल और व्यवहार में अंतर होने की बात कही थी। अब टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने रोहित रॉय के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
देवोलीना ने रोहित के बयान को लेकर कहा कि लोगों में एक अजीब आदत होती है कि जिस हाथ से उन्हें खाना मिलता है, उसी को काटने लगते हैं या जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। उनके मुताबिक, रोहित की बातों से उन्हें कुछ ऐसा ही महसूस हुआ।
रोहित रॉय ने टीवी को क्या कहा था?
रोहित रॉय ने Kindle Cast के साथ बातचीत में फिल्म और टेलीविजन के बीच मौजूद कथित अंतर पर खुलकर बात की थी। उनसे पूछा गया था कि मनोरंजन जगत में फिल्म कलाकारों और टीवी कलाकारों के बीच एक तरह की ऊंच-नीच क्यों मानी जाती है और टीवी से मिलने वाली लोकप्रियता को अक्सर कमतर क्यों समझा जाता है।
इस पर रोहित ने कहा कि उन्हें दोनों माध्यमों के कलाकारों के व्यवहार में अंतर नजर आता है। उन्होंने फिल्म स्टार्स के पब्लिक अपीयरेंस को ज्यादा ग्रेसफुल, गरिमापूर्ण और स्टाइलिश बताया, जबकि टीवी कलाकारों के व्यवहार पर सवाल उठाए।
रोहित ने यह भी कहा कि वह खुद टीवी कलाकार हैं, लेकिन सार्वजनिक जगहों पर कलाकारों को एक निश्चित गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए किए जाने वाले कुछ तरह के व्यवहार और पहनावे को लेकर भी अपनी राय जाहिर की।
इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह की सोच फिल्म और टीवी के बीच मौजूद कथित पदानुक्रम को और मजबूत करती है, तो उन्होंने साफ तौर पर सिनेमा को टीवी से ऊपर बताया। इसी दौरान उन्होंने टेलीविजन को ‘डस्टबिन मीडियम’ कहा।
देवोलीना ने क्यों जताई नाराजगी?
रोहित के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए देवोलीना ने उनके टीवी करियर पर ही सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रोहित ने भी टेलीविजन से ही पहचान हासिल की और लंबे समय तक इस माध्यम का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में उसी इंडस्ट्री को इस तरह कमतर बताना उन्हें सही नहीं लगा।
देवोलीना ने यह भी कहा कि उन्हें रोहित के टीवी पर किए गए कामों में से बहुत कुछ याद नहीं है और उन्होंने उनकी पहचान को उनके भाई रोनित रॉय से जोड़ते हुए टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों के बीच रोहित को अक्सर रोनित रॉय के भाई के तौर पर पहचाना जाता है।
यह देवोलीना की निजी राय और रोहित के बयान पर उनकी प्रतिक्रिया है। इसे रोहित रॉय की पहचान या करियर के बारे में किसी स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
‘टीवी ने मुझे सब कुछ दिया’
देवोलीना ने अपने लिए टेलीविजन की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा कि टीवी उनके लिए सिर्फ काम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसी इंडस्ट्री ने उन्हें काम, पहचान, सम्मान और करियर दिया है। इसलिए वह टेलीविजन से जुड़े होने पर गर्व महसूस करती हैं और इसके लिए आभारी हैं।
देवोलीना ने यह सवाल भी उठाया कि अगर रोहित को टेलीविजन इतना खराब माध्यम लगता है तो उन्होंने अपने करियर में इतने लंबे समय तक इसका हिस्सा बने रहना क्यों चुना। उनके मुताबिक, जिस इंडस्ट्री ने किसी कलाकार को पहचान दिलाने में भूमिका निभाई हो, उसके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना विरोधाभासी लगता है।
बॉलीवुड के टीवी से जुड़ाव पर भी उठाया सवाल
देवोलीना ने अपनी प्रतिक्रिया को सिर्फ रोहित रॉय तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने टेलीविजन की मौजूदा भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आज बॉलीवुड के बड़े कलाकार भी फिल्मों के प्रमोशन, रियलिटी शो और दूसरे टीवी कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों से जुड़ते हैं।
ऐसे में उनका सवाल था कि क्या रोहित के तर्क के हिसाब से बॉलीवुड के वे कलाकार भी उसी ‘डस्टबिन मीडियम’ का हिस्सा माने जाएंगे। देवोलीना ने यह भी संभावना जताई कि रोहित का बयान चर्चा हासिल करने के लिए जानबूझकर दिया गया हो सकता है। हालांकि, यह देवोलीना का आकलन है और रोहित की मंशा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रोहित रॉय का टीवी से पुराना रिश्ता
रोहित रॉय ने 1990 के दशक में दूरदर्शन के लोकप्रिय शो ‘स्वाभिमान’ से अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद वह ‘कुसुम’, ‘भाभी’ और ‘देस में निकला होगा चांद’ जैसे टेलीविजन धारावाहिकों में नजर आए। उन्होंने बाद में फिल्मों में भी काम किया और ‘फैशन’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे।
अपने हालिया इंटरव्यू में रोहित ने खुद माना कि टीवी कलाकारों को फिल्म कलाकारों की तुलना में अक्सर कम स्टारडम मिलता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे टीवी कलाकारों को सम्मान मिलता है। उन्होंने अपने शो ‘स्वाभिमान’ का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें उस दौर में खुद को किसी फिल्म कलाकार से कमतर महसूस नहीं हुआ था।
विवाद में अब कई प्रतिक्रियाएं
रोहित रॉय की टिप्पणी के बाद टेलीविजन इंडस्ट्री से कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। देवोलीना से पहले अभिनेता नमन शॉ ने भी उनके बयान की आलोचना की। उन्होंने रोहित की टिप्पणी पर तंज कसते हुए कहा कि शायद ज्यादा बोटॉक्स की वजह से उनके दिमाग पर असर पड़ा है। इससे साफ है कि रोहित की टिप्पणी ने टीवी कलाकारों के बीच नाराजगी पैदा की है।
फिलहाल रोहित रॉय की ओर से देवोलीना भट्टाचार्जी की प्रतिक्रिया पर कोई अलग से विस्तृत जवाब सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों कलाकारों के बीच यह विवाद आगे किसी और सार्वजनिक बयान या जवाब तक पहुंचेगा।
यह पूरा विवाद एक पुराने सवाल को फिर सामने लाता है कि भारतीय मनोरंजन जगत में फिल्म और टेलीविजन को अलग-अलग नजर से क्यों देखा जाता है। एक तरफ रोहित रॉय सिनेमा की लंबी उम्र और उसके प्रभाव को टीवी से अलग मानते हैं, वहीं देवोलीना जैसे कलाकार टेलीविजन को अपनी पहचान और करियर की नींव मानते हुए उसके सम्मान का बचाव कर रहे हैं।













