नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित विशेष डिनर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए। जिनपिंग दिन में BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात भी कर चुके थे। इसके बावजूद शाम के गाला डिनर से उनकी गैरमौजूदगी ने ध्यान खींचा।
सबसे अहम बात यह है कि जिनपिंग के डिनर में शामिल न होने की वजह को लेकर अभी तक चीन या भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, PTI के हवाले से आई रिपोर्टों में एक सूत्र ने बताया कि जिनपिंग डिनर में जाने के बजाय अपने होटल लौटकर आराम करने चले गए थे।
जिनपिंग सुबह चीन से निकले, दोपहर में पहुंचे दिल्ली
शी जिनपिंग 12 सितंबर को विशेष विमान से नई दिल्ली पहुंचे थे। चीन के विदेश मंत्रालय ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। चीनी सरकारी सूत्रों के मुताबिक, वह शनिवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचे और एयरपोर्ट पर भारतीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
दिल्ली पहुंचने के बाद उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। उन्होंने BRICS सम्मेलन में भाग लिया और इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इसके बाद शाम को प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में BRICS नेताओं और अन्य आमंत्रित प्रतिनिधियों के लिए गाला डिनर आयोजित किया गया, लेकिन जिनपिंग वहां मौजूद नहीं थे।
क्या आराम करने के लिए होटल लौटे थे जिनपिंग?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिनपिंग के डिनर में नहीं आने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। हालांकि, PTI के हवाले से सामने आई जानकारी में एक सूत्र ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति अपने होटल वापस जाकर आराम करने चले गए थे। उनकी उसी दिन सुबह चीन से दिल्ली की यात्रा, सम्मेलन में भागीदारी और प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक को देखते हुए यह एक संभावित वजह बताई गई है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि इसे चीन की ओर से आधिकारिक तौर पर बताई गई वजह नहीं कहा जा सकता। अभी उपलब्ध रिपोर्टों में इसे सूत्र की जानकारी के तौर पर ही पेश किया गया है।
तबीयत खराब होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
जिनपिंग के डिनर से गायब रहने के बाद सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में उनकी तबीयत को लेकर भी अटकलें लगाई जा सकती हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जिसमें उनकी बीमारी या किसी स्वास्थ्य समस्या को डिनर में अनुपस्थित रहने का कारण बताया गया हो।
इसलिए उनकी गैरमौजूदगी को स्वास्थ्य कारणों से जोड़ना अभी सिर्फ अटकल होगी। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में मुख्य रूप से यही बात सामने आई है कि उनके डिनर में शामिल न होने का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया और एक सूत्र ने उनके होटल लौटकर आराम करने की जानकारी दी।
मोदी-जिनपिंग की अहम मुलाकात भी हुई
डिनर से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों के लिहाज से खास मानी जा रही है, क्योंकि 2020 के पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफी तनाव आया था।
चीनी पक्ष की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत और चीन को साझेदार के तौर पर आगे बढ़ाने, आपसी सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर चर्चा की। जिनपिंग ने भारत के साथ रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने की बात कही।
वहीं, भारत की ओर से बातचीत में सीमा पर शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों की आगे की प्रगति के लिए अहम बताया गया। दोनों देशों के बीच व्यापार, संपर्क, लोगों के बीच आदान-प्रदान और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
सात साल बाद भारत आए हैं शी जिनपिंग
शी जिनपिंग का यह भारत दौरा भी अपने आप में महत्वपूर्ण है। वह करीब सात साल बाद भारत आए हैं। उनका पिछला भारत दौरा 2019 में महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक के लिए हुआ था।
2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के संबंधों में लंबे समय तक तनाव रहा। हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच संवाद और उच्चस्तरीय संपर्क फिर बढ़े हैं। BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी और जिनपिंग की मुलाकात को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
डिनर में कौन-कौन शामिल हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में आयोजित गाला डिनर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई BRICS नेता और भारतीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई केंद्रीय मंत्री भी डिनर में शामिल हुए।
अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिनपिंग के अलावा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी डिनर में शामिल नहीं हुए। हालांकि, उनके मामले में वजह स्पष्ट थी, क्योंकि वह दिन में BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद UAE लौट गए थे।
BRICS सम्मेलन में क्या हुआ?
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, AI, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
सम्मेलन के दौरान BRICS नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता जताई और कूटनीतिक समाधान तथा अधिकतम संयम की जरूरत पर जोर दिया। नई दिल्ली घोषणा में व्यापार, स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन, AI और ग्लोबल साउथ की भूमिका समेत कई मुद्दों पर भी सहमति बनी।
फिलहाल शी जिनपिंग के डिनर में शामिल न होने को लेकर सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। होटल लौटकर आराम करने की बात सूत्र के हवाले से सामने आई है। ऐसे में इसे किसी राजनीतिक असहमति, भारत-चीन तनाव या स्वास्थ्य समस्या का संकेत मानना अभी सही नहीं होगा।
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