न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

'परमाणु ठिकानों पर हमले सही नहीं', BRICS ने अमेरिका-इजरायल को दिया सख्त संदेश, ईरान मुद्दे पर जताई चिंता

BRICS ने नई दिल्ली घोषणा में शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों पर हमलों का विरोध किया और पश्चिम एशिया में तनाव घटाने की अपील करते हुए अमेरिका को संदेश दिया।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 13 Sep 2026 9:00:19

'परमाणु ठिकानों पर हमले सही नहीं', BRICS ने अमेरिका-इजरायल को दिया सख्त संदेश, ईरान मुद्दे पर जताई चिंता

नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव को लेकर सदस्य देशों ने गंभीर चिंता जताई है। शनिवार को जारी नई दिल्ली घोषणा में BRICS नेताओं ने नागरिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों का विरोध किया। घोषणा में किसी देश का सीधे नाम नहीं लिया गया, लेकिन इसका संदेश अमेरिका और इजरायल की ईरान से जुड़ी सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है।

परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने पर जताई गंभीर चिंता

BRICS नेताओं ने कहा कि IAEA के पूर्ण सुरक्षा उपायों के तहत आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। समूह ने इस बात पर जोर दिया कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान भी परमाणु सुरक्षा और संरक्षा के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए, ताकि लोगों और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।

BRICS की घोषणा में संबंधित देशों से तनाव कम करने और बातचीत एवं कूटनीति के जरिए विवादों का समाधान खोजने की अपील भी की गई। इस रुख से साफ है कि समूह पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव को और बढ़ने से रोकने पर जोर दे रहा है।

अमेरिका का सीधे नाम नहीं, लेकिन संदेश स्पष्ट

BRICS की संयुक्त घोषणा में अमेरिका का नाम लेकर उसकी आलोचना नहीं की गई। यही बात इस बयान को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। घोषणा में शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों और एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध किया गया है।

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका का नाम लिए बिना भी यह संदेश काफी हद तक वॉशिंगटन की नीतियों की आलोचना के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई और उसके खिलाफ व्यापक प्रतिबंधों का समर्थन किया है। हालांकि, BRICS के सभी सदस्य इस मुद्दे को लेकर एक जैसी भाषा इस्तेमाल नहीं करते हैं, इसलिए घोषणा में सीधे किसी देश को निशाना बनाने से बचा गया।

ईरान के परमाणु ठिकाने बने विवाद का केंद्र

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका, इजरायल और तेहरान के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर सैन्य हमलों के बाद परमाणु सुरक्षा और IAEA की निगरानी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई।

BRICS ने इसी व्यापक संदर्भ में शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर अपना रुख सामने रखा है। समूह का कहना है कि परमाणु प्रतिष्ठानों को सैन्य संघर्ष का निशाना बनाना बेहद गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

SIPRI के अनुसार, ईरान में परमाणु प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों ने वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं और परमाणु सुविधाओं की सैन्य संघर्ष के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

IAEA की भूमिका भी चर्चा में

परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर IAEA की भूमिका महत्वपूर्ण है। एजेंसी के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी लगातार यह चेतावनी देते रहे हैं कि परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास सैन्य गतिविधियां परमाणु सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में ग्रॉसी ने संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर भी परमाणु सुरक्षा पर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, परमाणु संयंत्रों पर सैन्य हमलों के गंभीर पर्यावरणीय और मानवीय परिणाम हो सकते हैं।

BRICS ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने को कहा

नई दिल्ली घोषणा में BRICS नेताओं ने पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव पर चिंता जताई और अधिकतम संयम बरतने की अपील की। समूह ने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

यह मुद्दा BRICS के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समूह में ईरान सदस्य देश है। वहीं भारत, चीन, रूस और अन्य सदस्य देशों के अमेरिका तथा पश्चिमी देशों के साथ भी महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक संबंध हैं। ऐसे में संयुक्त घोषणा में संतुलित भाषा अपनाना जरूरी था।

एकतरफा प्रतिबंधों का भी विरोध

BRICS ने केवल परमाणु ठिकानों के मुद्दे पर ही चिंता नहीं जताई, बल्कि संयुक्त घोषणा में उन एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों का भी विरोध किया जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अधिकृत नहीं किया है।

घोषणा में कहा गया कि ऐसे प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इनका असर आम लोगों पर पड़ सकता है। इस मुद्दे को भी अमेरिका की प्रतिबंध नीति की आलोचना के संदर्भ में देखा जा रहा है, हालांकि संयुक्त घोषणा में अमेरिका का नाम नहीं लिया गया।

भारत का रुख क्या है?

भारत ने परमाणु सुरक्षा और शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों की सुरक्षा के मुद्दे पर पहले भी चिंता व्यक्त की है। 2025 में ईरान पर सैन्य हमलों के बाद जारी BRICS बयान में भारत समेत सदस्य देशों ने IAEA के सुरक्षा उपायों के तहत आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। भारत ने उस समय भी परमाणु सुरक्षा, संरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया था।

नई दिल्ली में BRICS की मौजूदा घोषणा इसी व्यापक रुख को आगे बढ़ाती नजर आती है। हालांकि इस बार भी भाषा को इस तरह रखा गया है कि समूह किसी एक देश का नाम लेकर सीधे टकराव की स्थिति में न आए।

BRICS के लिए कूटनीतिक संतुलन की चुनौती

इस घोषणा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि BRICS में अलग-अलग देशों के रणनीतिक हित जुड़े हुए हैं। ईरान और रूस अमेरिका के साथ गंभीर तनाव में हैं, जबकि भारत और चीन के अमेरिका के साथ व्यापारिक एवं रणनीतिक संबंध भी हैं।

ऐसे में सभी सदस्य देशों की सहमति से एक संयुक्त घोषणा जारी करना अपने आप में महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। घोषणा में अमेरिका या इजरायल का सीधे नाम न लेकर परमाणु सुविधाओं, नागरिक बुनियादी ढांचे और एकतरफा प्रतिबंधों के सिद्धांतों पर बात की गई है। इससे BRICS ने अपना संदेश भी दिया और सदस्य देशों के बीच मतभेदों को सार्वजनिक टकराव में बदलने से भी बचाया।

कुल मिलाकर, नई दिल्ली BRICS घोषणा ने पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट को लेकर समूह का रुख स्पष्ट कर दिया है। शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों का विरोध, नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील के जरिए BRICS ने सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है। अमेरिका का नाम सीधे नहीं लिया गया, लेकिन घोषणा में इस्तेमाल की गई भाषा को वॉशिंगटन की नीतियों के लिए एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत