
फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों बड़े बजट की फिल्मों का दौर चल रहा है। भारत में जहां 1000 करोड़ रुपये की लागत से ‘वाराणसी’ और करीब 4000 करोड़ के मेगा बजट में ‘रामायण’ जैसी फिल्मों पर काम हो रहा है, वहीं चीन में भी हाई-बजट फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर नई मिसालें कायम की हैं। इसी ट्रेंड को देखते हुए सऊदी अरब ने भी अपनी फिल्म इंडस्ट्री को ग्लोबल स्तर पर स्थापित करने का सपना देखा और एक ऐसी फिल्म बनाई, जिसका बजट सुनकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन जिस फिल्म से इतिहास रचने की उम्मीद थी, वही अब दुनिया की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में गिनी जा रही है।
1400 करोड़ रुपये की लागत में बनी फिल्म ‘डेजर्ट वॉरियर’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह धराशायी हो गई। हालात इतने खराब रहे कि फिल्म दुनिया भर में केवल करीब 6 करोड़ रुपये ही कमा सकी। यानी फिल्म अपनी लागत का एक प्रतिशत भी नहीं निकाल पाई और मेकर्स को लगभग 99.6 प्रतिशत का भारी नुकसान झेलना पड़ा।
सऊदी अरब ने बड़े सपने के साथ शुरू किया था प्रोजेक्ट
साल 2021 में सऊदी मीडिया कंपनी MBC Group की प्रोडक्शन यूनिट MBC Studios ने ‘डेजर्ट वॉरियर’ का आधिकारिक ऐलान किया था। इस फिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं था, बल्कि सऊदी फिल्म इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना भी था। फिल्म को JB Pictures, AGC Studios और Studio Mechanical ने मिलकर प्रोड्यूस किया।
फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी रुपर्ट व्यात को दी गई थी, जो ‘राइज ऑफ द प्लैनेट ऑफ द एप्स’ जैसी चर्चित हॉलीवुड फिल्म के लिए जाने जाते हैं। मेकर्स ने इस प्रोजेक्ट को ग्लोबल लेवल पर पहुंचाने के लिए हॉलीवुड के कई बड़े सितारों को भी फिल्म से जोड़ा।
मार्वल यूनिवर्स में नए कैप्टन अमेरिका के तौर पर चर्चित अभिनेता एंटनी मैकी ने फिल्म में योद्धा हंजला का किरदार निभाया, जबकि ऑस्कर विजेता अभिनेता बेन किंग्सले सम्राट किसरा की भूमिका में दिखाई दिए। इसके अलावा ‘डिस्ट्रिक्ट 9’ और ‘ओल्ड बॉय’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले साउथ अफ्रीकी अभिनेता शार्लटो कोप्ले भी अहम भूमिका में नजर आए। वहीं ब्रिटिश-सऊदी अभिनेत्री आयशा हार्ट ने राजकुमारी हिंद का किरदार निभाया।
सातवीं सदी की कहानी पर आधारित थी फिल्म
‘डेजर्ट वॉरियर’ की कहानी सातवीं सदी के अरब की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। फिल्म में राजकुमारी हिंद और सम्राट किसरा के बीच संघर्ष को दिखाया गया, जहां मशहूर योद्धा हंजला राजकुमारी का साथ देते हैं। फिल्म को भव्य बनाने के लिए बड़े स्तर पर शूटिंग की गई थी।
मेकर्स ने फिल्म के लिए अंतरराष्ट्रीय टेक्निकल टीम को सऊदी अरब बुलाया था, ताकि स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को ट्रेनिंग दी जा सके। यही वजह रही कि फिल्म के सेट पर हर दिन करीब 400 से 500 लोग मौजूद रहते थे। विशाल सेट, विदेशी क्रू और बड़े स्टारकास्ट के कारण फिल्म की लागत लगातार बढ़ती चली गई।
बजट पहुंचा 1400 करोड़ के पार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘डेजर्ट वॉरियर’ का बजट लगभग 150 मिलियन डॉलर यानी करीब 1400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। भारी-भरकम विजुअल इफेक्ट्स और लंबे पोस्ट-प्रोडक्शन काम की वजह से फिल्म रिलीज होने में भी काफी समय लगा। बताया जाता है कि फिल्म दो साल से ज्यादा समय तक पोस्ट-प्रोडक्शन में रही और 2025 के ज्यूरिख फिल्म फेस्टिवल में दिखाए जाने के बाद आखिरकार अप्रैल 2026 में इंटरनेशनल स्तर पर रिलीज की गई।
हालांकि रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों का बिल्कुल भी समर्थन नहीं मिला। बड़े बजट और स्टारकास्ट के बावजूद सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ नजर नहीं आई।
ओपनिंग भी रही बेहद खराब
जिस फिल्म से रिकॉर्डतोड़ कमाई की उम्मीद थी, उसकी शुरुआत ही बेहद कमजोर रही। उत्तरी अमेरिका में 1010 सिनेमाघरों में रिलीज होने के बावजूद फिल्म सिर्फ 472 हजार डॉलर की कमाई कर पाई। इसे किसी बड़े बजट की फिल्म की सबसे खराब ओपनिंग्स में से एक माना गया।
सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब में भी फिल्म को खास रिस्पॉन्स नहीं मिला। वहां ओपनिंग वीकेंड में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आठवें स्थान पर रही और महज 87 हजार डॉलर का बिजनेस कर सकी। पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र से भी फिल्म की कमाई 140 हजार डॉलर से कम रही।
दो हफ्तों के भीतर ही फिल्म का प्रदर्शन इतना कमजोर हो गया कि कई जगहों पर इसे सिनेमाघरों से हटा दिया गया। दुनियाभर में ‘डेजर्ट वॉरियर’ का कुल कलेक्शन केवल 665 हजार डॉलर यानी लगभग 6 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सका।
इतिहास की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में शामिल
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो फिल्म अपनी कुल लागत का सिर्फ 0.4 प्रतिशत ही वसूल कर पाई। यानी मेकर्स को करीब 99.6 प्रतिशत का नुकसान हुआ, जो किसी भी बड़े फीचर फिल्म प्रोजेक्ट के लिए बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है।
इतने बड़े नुकसान के बाद ‘डेजर्ट वॉरियर’ को अब दुनिया की सबसे बड़ी डिजास्टर फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में इसे इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि सिर्फ बड़ा बजट और बड़े सितारे किसी फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं बन सकते।














