
वर्ष 2025 की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जिसमें अक्षय कुमार और अरशद वारसी एक बार फिर कोर्टरूम ड्रामा के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करने वाले हैं। सीरीज की लोकप्रियता और दोनों कलाकारों की टक्कर के चलते यह फिल्म इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बन गई है।
बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, फिल्म ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से पहले ही सर्टिफिकेशन प्राप्त कर लिया है। बोर्ड ने फिल्म को U/A 16+ रेटिंग के साथ पास किया है, लेकिन साथ ही कुछ छोटे किंतु महत्वपूर्ण बदलाव भी सुझाए हैं।
CBFC की ओर से सबसे पहले पुराने डिस्क्लेमर (स्पष्टीकरण) को हटाकर नया डिस्क्लेमर जोड़ा गया। इसके बाद फिल्म में दिखाए गए अल्कोहल ब्रांड्स को ब्लर कर दिया गया है। फिल्म की शुरुआत में स्थान और वर्ष को फिक्शनल (काल्पनिक) बताया गया है, जिससे किसी वास्तविक संदर्भ से कोई भ्रम न हो।
सबसे बड़ा बदलाव फिल्म के डायलॉग में किया गया है, जहां CBFC ने फिल्म से 'f****r' जैसे आपत्तिजनक शब्द को पूरी तरह से हटाने का निर्देश दिया। इसके अलावा एक सीन जिसमें पुलिस एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हाथ उठाती है, उसे भी संशोधित कर हल्का किया गया है ताकि वह हिंसा को बढ़ावा न दे।
एक अन्य सीन में, एक संवाद में 'इमरजेंसी क्लॉज' शब्द जोड़ा गया और उस सीन में दिख रहे लोगो (logo) को भी बदल दिया गया है। एक और दृश्य में, जहां अभिनेत्री सीमा बिस्वास की भूमिका ‘जानकी’ एक फाइल लेकर चलती हैं, उसमें फाइल पर दिख रहे लोगो को ब्लर कर दिया गया है। फिल्म के दूसरे हिस्से में एक डायलॉग को बदलकर अब यह किया गया है: "जानकी अम्मा का गांव सिर्फ एक...चेक मुंह पे फेंक के मारा..."।
फिल्म की अवधि 157.16 मिनट यानी करीब 2 घंटे 37 मिनट 16 सेकंड है।
‘जॉली एलएलबी 3’ का निर्देशन कर रहे हैं सुभाष कपूर, जिन्होंने इससे पहले जॉली एलएलबी (2013) और जॉली एलएलबी 2 (2017) का निर्देशन भी किया था। पहली फिल्म में अरशद वारसी मुख्य भूमिका में थे जबकि दूसरी फिल्म में अक्षय कुमार लीड रोल में नजर आए थे।
तीसरे भाग में दोनों सितारे आमने-सामने होंगे, जो फिल्म का मुख्य आकर्षण है। इनके अलावा सौरभ शुक्ला, हुमा कुरैशी, अमृता राव, सीमा बिस्वास और गजराज राव जैसे कलाकार भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
फिल्म के संवादों और कुछ दृश्यात्मक तत्वों में किए गए यह छोटे बदलाव कहानी की मूल भावना को प्रभावित नहीं करते, बल्कि यह सुनिश्चित करते हैं कि फिल्म सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त बनी रहे।














