11 अगस्त को रिलीज हुए ‘बागी 4’ के टीजर ने महज 1.49 मिनट में दर्शकों को दो बिल्कुल विपरीत दुनिया दिखा दीं। शुरुआत में कैमरा धीमे-धीमे नम आंखों वाले किरदारों पर घूमता है, और बैकग्राउंड में ‘सैयारा’ जैसी गहरी, भावुक धुन बह रही होती है। यह पल दर्शकों को तुरंत एक प्रेम कहानी की नर्मी और जुदाई के दर्द में खींच लेता है। ऐसा लगता है जैसे कहानी मोहब्बत, त्याग और रिश्तों की नाजुक डोर पर चलने वाली है।
लेकिन यह माहौल ज्यादा देर टिकता नहीं। कुछ ही सेकंड बाद फ्रेम पर बारूद के धमाके, तलवारों की चमक और गोलियों की गूंज छा जाती है। रोमांस की मखमली परत एक झटके में हटती है और सामने आता है खूनी तांडव, जहां हर भाव, हर आंसू, हिंसा में डूब जाता है। इस अचानक बदलाव का असर दर्शक पर उतना ही चौंकाने वाला है जितना कि दिल को चोट देने वाला। सवाल उठना लाजिमी है—क्या प्रेम की गहराई दिखाने के लिए इस तरह के खून-खराबे का सहारा लेना जरूरी है?
टाइगर श्रॉफ का सबसे क्रूर अवतार, एक्शन और हिंसा की हद
टीजर में टाइगर श्रॉफ अपने अब तक के सबसे हिंसक और निर्दयी रूप में दिखाई देते हैं। ‘रॉनी’ का किरदार बदले की आग से जलता है, और हथियारों से लैस यह योद्धा किसी भी कीमत पर दुश्मनों का सफाया करने को तैयार है। संजय दत्त का रौबदार लुक और उनका टकराव टाइगर के साथ, दृश्य को और अधिक आक्रामक बना देता है। दोनों के बीच की झड़पों में कैमरे का हर एंगल खून, धूल और क्रोध से लथपथ है।
‘बागी’ फ्रेंचाइजी हमेशा से एक्शन के लिए जानी जाती रही है, लेकिन ‘बागी 4’ के टीजर में हिंसा की मात्रा पहले से कहीं अधिक बढ़ी हुई लगती है। तलवारें लहराते हुए, बंदूकों की गूंज, और हर सीन में किसी न किसी की जान जाते हुए देखना, इस सवाल को जन्म देता है कि आखिर फिल्मों में हिंसा की सीमा कहां तय होनी चाहिए। निर्माता शायद इसे ‘पैशन और पावर’ का संगम बताना चाहें, लेकिन दर्शक वर्ग का एक बड़ा हिस्सा इसे ‘अनावश्यक खूनी प्रदर्शन’ भी मान सकता है।














