
अनुपम खेर (70) फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकारों में शुमार किए जाते हैं। उन्हें दर्शकों का मनोरंजन करते 4 दशक के करीब हो गए हैं। अनुपम हर प्रकार के रोल में फिट बैठते हैं। वे अब तक 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। हाल ही अनुपम की एक्टर और डायरेक्टर के रूप में तन्वी द ग्रेट फिल्म रिलीज हुई थी। इसका सबजेक्ट बहुत अच्छा होने के बावजूद इसे बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि अनुपम ने आज तक अपना घर नहीं खरीदा और वे किराए के अपार्टमेंट में रहते हैं। अनुपम ने अब इसकी वजह बताई है।
एक इंटरव्यू में अनुपम ने कहा कि गौतम बुद्ध ने भी एक साधारण जीवन जीने के लिए अपनी सारी दौलत और सुख-सुविधाओं को त्याग दिया था। जिंदगी में बस कुछ चीजों की जरूरत होती है। रहने के लिए एक घर, एक कार और साथ काम करने के लिए एक-दो लोग। घर तो घर ही होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप उसे किराए पर लेते हैं या उसके मालिक हैं। मैं इस मायने में महत्वाकांक्षी हूं कि मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्में अच्छा प्रदर्शन करें, लेकिन यह अलग बात है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि सिर्फ अमीर होने की वजह से मुझे एक बड़ा घर खरीदना होगा या चांदी की रोटी और सोने का खाना होगा।
जब कोई व्यक्ति चला जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके द्वारा छोड़ी गई संपत्ति को लेकर कुछ विवाद होने की संभावना होती है। पैसे बांटने में कम विवाद होता है। मैंने बुजुर्ग लोगों को देखा और उनसे बात की है और उनकी कहानियां बहुत ही दर्दनाक हैं। किसी को उसके बेटे ने घर से निकाल दिया है। किसी को उसकी संपत्ति पर दस्तखत करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मेरे घर में इस तरह की बातें नहीं होतीं। मैं अपनी मृत्यु के बाद किसी भी पारिवारिक कलह से बचना चाहता था, इसलिए मैंने संपत्ति न रखने का फैसला किया।

कारगिल युद्ध के दौरान सेना में कार्यरत थे सेलिना के पिता विक्रम कुमार जेटली
आज शनिवार (26 जुलाई) को कारगिल विजय दिवस के 26 साल होने पर देश के लोग बहादुर सैनिकों को याद कर रहे हैं। इस बीच एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने फेसबुक पर एक भावुक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने दिवंगत पिता कर्नल विक्रम कुमार जेटली को याद किया, जो कारगिल युद्ध के दौरान सेना में कार्यरत थे। सेलिना ने वीडियो में कहा, “अपने बेटों के अंतिम संस्कार में माता-पिता की नम आंखें, अपने पतियों को खो चुकीं युवा पत्नियों का दर्द और बच्चों की सिसकियां। यह सिर्फ खबर नहीं थी, यह एक ऐसा दर्द था जो हवा में गहराई तक समाया हुआ था।
कारगिल युद्ध के दिनों में हमारा परिवार हर एक फोन कॉल से घबरा जाता था। एक बेटी होने के नाते मैं अपने पिता की विरासत को हमेशा संभाल कर रखती हूं। मेरे पिता ने हर दिन सैनिक के रूप में जीवन को जिया। मैं उस समय किशोरावस्था में थी। हमारी सांसें थमी हुई थीं। खबर का इंतजार कर रहे थे। हर अनजान नंबर से आने वाली कॉल से डर रहे थे। सेना की वर्दी केवल सैनिक ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार पहनता है; महिलाओं से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक सभी एक मूक योद्धा होते हैं। कारगिल के दौरान मेरा छोटा भाई स्कूल में था, लेकिन जंग ने उस पर गहरा प्रभाव डाला था।
इसने उसके जीवन की दिशा तय की और वह भारतीय सेना में शामिल हो गया। हमारे लिए, कारगिल राष्ट्रीय इतिहास का सिर्फ एक अध्याय नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा क्षण है जो सेवा और बलिदान की पीढ़ियों में गूंजता रहा। आज जब पूरा देश कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है, यह देखकर गर्व तो होता है, लेकिन एक गहरा दुख भी है जो कभी पूरी तरह से कम नहीं होता। जब मैं देश को कारगिल को इतने सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हुए देखती हूं, तो मुझे न केवल एक नागरिक के रूप में, बल्कि एक सैनिक की बेटी और पोती के रूप में भी देखा जाता है। लेकिन मुझे उसकी कीमत भी याद है।”
बता दें कि सेलिना ने साल 2011 में ऑस्ट्रिया के उद्यमी और होटल चलाने वाले पीटर हाग के साथ शादी की थी। उनके साल 2012 में जुड़वा बच्चे विंस्टन और विराज हुए। बाद में साल 2017 में वे फिर से जुड़वां बच्चों शमशेर और आर्थर के माता-पिता बने। हालांकि शमशेर का निधन हो चुका है। सेलिना ‘नो एंट्री’, ‘जवानी दीवानी’, ‘अपना सपना मनी मनी’, ‘मनी है तो हनी है’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’ और ‘थैंक्यू’ जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं।














