
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इन दिनों वे टीवी की दुनिया के सबसे चर्चित रियलिटी शो में से एक ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) को होस्ट कर रहे हैं। फिलहाल अमिताभ अपने काम के बजाय किसी और कारण से खबरों में हैं। अमिताभ ने हाल ही में मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणपति पंडाल लालबागचा राजा को 11 लाख रुपए का दान दिया है। बिग बी ने यह दान अपनी टीम के जरिए साइन किया हुआ चेक भेजकर किया, जिसे पंडाल समिति ने स्वीकार कर लिया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रस्ट के सचिव सुधीर साल्वी चेक स्वीकार करते नजर आ रहे हैं।
हालांकि अमिताभ को इसके लिए भी ट्रॉल किया जा रहा है। यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस वक्त जब पंजाब भीषण बाढ़ से जूझ रहा है, तब इतनी बड़ी राशि वहां दान क्यों नहीं की गई। एक यूजर ने लिखा, “पंजाब के लिए करते तो ज्यादा खुशी मिलती।” दूसरे ने टिप्पणी की, “भगवान को देने से कुछ नहीं होगा, इंसानों की मदद कीजिए।” तीसरे ने कहा, “अगर पंजाब के बाढ़ पीड़ितों को ये राशि दी जाती, तो सच में गणपति बप्पा के पास ही पहुंच जाती।” चौथे ने लिखा, “इस पैसे को वहां दान करो, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, इतनी ज्यादा बाढ़ आई है, वहां इसकी ज्यादा जरूरत थी।”
पांचवें ने लिखा, “पंजाब की मदद के लिए भी दे देते।” छठे ने लिखा, “पंजाब, हिमांचल और उत्तराखंड के लिए दान करो, मंदिरों में पैसों की कमी नहीं है।” सातवें ने लिखा, “पंजाब की हेल्प के लिए भी दे दो बाबूजी। भगवान की हेल्प करने से कुछ नहीं होगा। इंसानों की करो।” आठवें ने कमेंट किया, “11 लाख देकर शान दिखा दी अमिताभ जी। ये पैसा बाढ़ पीड़ित को दे देते तो क्या जाता। शान कम हो जाती आपकी। बड़े लोग छोटी सोच।” नौवें ने लिखा, “बच्चन साहब, प्लीज 500 बाढ़ पीड़ित परिवारों को गोद ले लीजिए। वो बेहतर होगा।”
दसवें ने कहा, 'यहां दान देने से कोई फायदा नहीं। इससे किसी गरीब इंसान की मदद नहीं होगी।” इसी तरह लगभग सभी यूजर्स का कहना है कि अमिताभ को अन्य कई सितारों की जैसे पंजाब की मदद के लिए आगे आना चाहिए था। बता दें पंजाब इस समय साल 1988 के बाद की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। प्रदेश के 1300 से ज्यादा गांव जलमग्न हो चुके हैं। भारी बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं और मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

पंकज त्रिपाठी ने इंटरव्यू में खुद बताया दो बार जन्मदिन मनाने का किस्सा
अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपनी शानदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए पंकज ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बॉलीवुड में एक खास मुकाम हासिल कर लिया है। फैंस उनकी एक्टिंग के दीवाने हैं। वे मिर्जापुर सीरीज के 'कालीन भैया' से लेकर कई फिल्मों में दमदार रोल कर चुके हैं। आज हम आपको पंकज से जुड़ी एक दिलचस्प बात बताने जा रहे हैं, जिसका खुलासा खुद एक्टर ने किया था। दरअसल पंकज का जन्मदिन साल में दो बार मनाया जाता है।
एक इंटरव्यू में पंकज बताया था कि 5 सितंबर को मेरा जन्मदिन मनाया जाता है, लेकिन इसमें भी एक कहानी है। इस पूरी गड़बड़ी के पीछे मेरे बड़े भाई और टीचर की भूमिका रही। जब मेरा स्कूल में एडमिशन हुआ, तब सटीक जन्मतिथि याद न होने पर टीचर ने सुझाव दिया कि 5 सितंबर यानी टीचर्स डे और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन दर्ज करा दिया जाए।
भाई ने भी सहमति दे दी और यही तारीख स्कूल के कागजों में लिख दी गई। शायद टीचर ने कहा होगा, तारीख याद नहीं है तो 5 सितंबर डाल दो। दिन अच्छा है, टीचर्स डे है। बस वहीं से मेरे दो जन्मदिन का झमेला शुरू हो गया। आज भी पंकज के कई फैंस उन्हें 5 सितंबर को बर्थडे विश करते हैं। दूसरी ओर पंकज के करीबी जानकार और परिवारजन 28 सितंबर को सेलिब्रेट करते हैं।














