
एक्ट्रेस अमीषा पटेल भले ही अब फिल्मी दुनिया में उतनी एक्टिव नहीं हैं, लेकिन वह अपने बयानों के चलते सुर्खियों में बनी रहती हैं। अमीषा किसी की भी परवाह किए बगैर बिंदास अंदाज में अपने मन की बात कहती हैं। हाल ही जूम को दिए एक इंटरव्यू में अमीषा ने बताया कि किसी भी कैंप का हिस्सा बनना किसी एक्टर के लिए जरूरी है या नहीं। अमीषा ने खुद को आउटसाइडर बताते हुए कहा कि आपके लिए इंडस्ट्री में तब और ज्यादा मुश्किल होती है, जब यहां से आपका पति या बॉयफ्रेंड न हो। बिना खुद को पावर कपल के रुप में प्रेजेंट करने पर भी कई बार मुश्किल हो जाता है।
दूसरों से कम सपोर्ट मिलता है और उनके पास भी आपको सपोर्ट करने की कोई खास वजह नहीं है क्योंकि आप एक आउटसाइडर हैं। हालांकि फिल्मों में आते ही मुझे ‘कहो ना प्यार है’, ‘गदर’, ‘हमराज’, ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्में मिलीं। अजय देवगन, सलमान खान, संजय दत्त, आमिर खान और कई बड़े निर्माता-निर्देशकों के साथ मैंने काम किया है। हर बार दर्शकों ने प्यार दिया। यही जरूरी है, न कि आप किसी कैंप से हैं। मैं किसी कैंप से नहीं थी, क्योंकि मैं स्मोकिंग नहीं करती थी, शराब नहीं पीती थी, किसी को काम के लिए मस्का नहीं लगाती थी। मुझे जो काम मिला, वो मेरी प्रतिभा के कारण मिला। कई लोग मुझे पसंद नहीं करते थे।
बुरा लगता था कि आप किसी और से ज्यादा किसी रोल को पाने के हकदार हैं, लेकिन वह आपको नहीं देते हैं, क्योंकि आप पार्टी नहीं करती हैं। खैर मैं खुश हूं, क्योंकि मुझे वह नहीं बनना था। आज के स्टार किड्स इस इंडस्ट्री के नियम के अनुसार चल रहे हैं, पार्टी में जाते हैं, कैंप्स का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस सफलता देखें, तो पता चलता है ये सारी चीजें उनकी मदद नहीं कर रही हैं। कई स्टारकिड्स तो ऐसे हैं, जिनकी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज भी नहीं हो रही हैं।
ओटीटी पर फिल्म लाना पड़ रहा है। दर्शकों को फर्क नहीं पड़ता है कि आप किसी कैंप से हैं या नहीं, वह बस चाहते हैं कि आप अच्छा काम करें। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में देखा गया है कि स्टारकिड्स की फिल्में सिनेमाघरों के बजाय ओटीटी पर आई हैं। इनमें सुहाना खान, इब्राहिम अली खान, खुशी कपूर, जुनैद खान जैसे सितारों के नाम शामिल हैं।

‘इंस्टाग्राम पर 10 मिलियन फॉलोअर्स और महंगे डिजाइनर कपड़ों से कोई सुपरस्टार नहीं बनता’
अमीषा ने आगे कहा कि आज के स्टारकिड्स को लगता है कि नाम, शोहरत और फैन फॉलोइंग विरासत में मिलती है, लेकिन ऐसा नहीं होता। दर्शक अब असली टैलेंट और सच्चाई से जुड़ते हैं, बनावटीपन और घमंड से नहीं। इंस्टाग्राम पर 10 मिलियन फॉलोअर्स और महंगे डिजाइनर कपड़े पहन लेने से कोई सुपरस्टार नहीं बनता। कैमरे के सामने जो सच्चाई है, वही स्क्रीन पर नजर आती है। नए कलाकारों को अभिनय की गहराई और मेहनत की असली अहमियत को समझना होगा।
दो साल पहले आई अमीषा की फिल्म ‘गदर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। अमीषा का मानना है कि इस फिल्म की सफलता की असली वजह भावनात्मक जुड़ाव, पारिवारिक मूल्य और अभिनय में सच्चाई थी। अमीषा ने कहा कि ‘गदर 2’ ने बता दिया कि दर्शक आज भी साफ-सुथरी, भावनात्मक और दिल से जुड़ी कहानियों को पसंद करते हैं। ओवरएक्टिंग और ग्लैमर दिखावा लंबे समय तक नहीं टिकता। बता दें अमीषा ने साल 2000 में ‘कहो ना प्यार है’ फिल्म के साथ एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। यह ऋतिक रोशन की भी डेब्यू फिल्म थी, जो सुपरहिट रही।














