
ज्योतिष में सूर्य और राहु को एक-दूसरे का विरोधी माना गया है। जब ये दोनों ग्रह किसी एक ही राशि में एक साथ स्थित होते हैं, तो विशेष ग्रहण योग का निर्माण होता है। आने वाले समय में 13 फरवरी 2026 को सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां राहु पहले से मौजूद रहेंगे। इस गोचर के साथ ही फरवरी में राहु–सूर्य की युति बनेगी, जो मार्च के मध्य तक प्रभावी रहेगी। यह ग्रहण योग कई राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है। ऐसे में कुछ राशियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका असर ज्यादा पड़ेगा और किन उपायों से नुकसान को कम किया जा सकता है।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रहण योग अष्टम भाव में बन रहा है, जो अचानक बाधाओं और रुकावटों का संकेत देता है। इस दौरान आपके अधूरे काम अटक सकते हैं और योजनाओं में देरी हो सकती है। बड़े फैसले लेने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। मार्च के मध्य तक धैर्य और सतर्कता से आगे बढ़ने की जरूरत होगी। इस अवधि में खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है और बचत पर भी असर पड़ सकता है। उपाय के रूप में भगवान शिव की नियमित पूजा और अभिषेक करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को इस ग्रहण योग के कारण मानसिक दबाव और बेचैनी महसूस हो सकती है। सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर बोलचाल में सावधानी रखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि गलत शब्दों से मान-सम्मान को ठेस पहुंच सकती है। कार्यस्थल पर राजनीति या विवादों से दूर रहना आपके हित में रहेगा। इस समय शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। उपाय स्वरूप गेहूं या गुड़ का दान करना शुभ रहेगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने का है। खासतौर पर माता के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें, वरना आर्थिक नुकसान की आशंका बन सकती है। कानूनी मामलों या कोर्ट-कचहरी से जुड़े विषयों में उलझन आ सकती है। साथ ही वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी। उपाय के तौर पर सूर्य देव के मंत्रों का नियमित जप करना लाभ पहुंचा सकता है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों को इस ग्रहण योग के दौरान ऊर्जा और आत्मविश्वास में गिरावट महसूस हो सकती है, जिसका असर करियर पर पड़ सकता है। हानि भाव में बन रहा यह योग आर्थिक मामलों में भी सतर्क रहने का संकेत देता है। विद्यार्थियों की एकाग्रता कमजोर हो सकती है, जिससे पढ़ाई में मन भटक सकता है। परिवार में बुजुर्गों से बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। उपाय के रूप में लाल रंग के वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाएगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।













