
Shardiya Navratri 2025 का आरंभ इस वर्ष 22 सितम्बर से हो रहा है। यह पावन पर्व, जो पूरे भारतवर्ष में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, देवी शक्ति की उपासना का प्रतीक है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है। इस दौरान भक्ति, तपस्या, नियम, व्रत और पूजा के साथ-साथ एक खास परंपरा यह भी है कि इन दिनों में माता रानी को उनके प्रिय पुष्प अर्पित किए जाएं। मान्यता है कि देवी को समर्पित विशेष फूल अर्पण करने से साधक को मां का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं।
हिंदू धर्म ग्रंथों और देवी पुराण के अनुसार, मां दुर्गा को कुछ विशेष प्रकार के फूल अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। नवरात्रि के दौरान यदि श्रद्धालु भावपूर्वक इन फूलों को देवी को अर्पित करें, तो उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है।
सबसे पहले बात करें लाल गुड़हल के फूल की, तो यह देवी दुर्गा का सबसे प्रिय पुष्प माना गया है। यह फूल शक्ति, साहस और उत्साह का प्रतीक है। मान्यता है कि गुड़हल का फूल देवी को अर्पित करने से व्यक्ति को जीवन में इच्छित फल की प्राप्ति होती है, साथ ही सुख-सौभाग्य भी मिलता है। यह ठीक वैसा ही फलदायी होता है जैसे भगवान शिव को बेलपत्र अर्पण करना।
इसके अलावा गेंदे का फूल भी माता रानी को प्रसन्न करने वाला पुष्प है। यह फूल न केवल अपने रंग और सुगंध से वातावरण को पवित्र बनाता है, बल्कि इसे देवी की पूजा में शामिल करने से बुद्धि, धन और सफलता की प्राप्ति होती है। गेंदे के फूल से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है।
गुलाब के फूल, जिनकी कोमलता और सौंदर्य सभी को आकर्षित करती है, वे भी मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय हैं। नवरात्रि के दौरान गुलाब अर्पित करने से देवी की असीम कृपा प्राप्त होती है। यह फूल घर में प्रेम, शांति और सौहार्द्र का वातावरण बनाता है।
हरसिंगार, जिसे पारिजात भी कहा जाता है, एक और दिव्य पुष्प है जिसे मां को अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस फूल को पूजा में शामिल करने से मानसिक तनाव कम होता है और साधक को मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह जीवन में तरक्की के मार्ग खोलता है।
आखिर में, कमल का फूल — जो दिव्यता, शुद्धता और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है — देवी दुर्गा को अत्यंत प्रिय है। नवरात्रि में मां को कमल का फूल अर्पित करने से जीवन में स्थायित्व आता है, और व्यक्ति के कार्यों में सफलता मिलने लगती है। यह फूल विशेष रूप से मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और दिव्यता की ओर बढ़ने का एक अवसर है। यदि इन नौ दिनों में श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक देवी को उनका प्रिय पुष्प अर्पित किया जाए, तो न केवल पूजा पूर्ण होती है बल्कि जीवन में आने वाली अनेक कठिनाइयां भी सरल हो जाती हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और लोक विश्वास पर आधारित हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य करें।














