
श्रावण मास की अंतिम सोमवारी विशेष ज्योतिषीय महत्व लेकर आया है, क्योंकि 4 अगस्त यानी आज बन रहा है मंगल और शनि का दुर्लभ योग। यह ग्रह स्थिति कई राशियों के लिए सौभाग्य और उन्नति के द्वार खोल सकती है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय सतर्कता का संकेत भी दे रहा है।
श्रावण की यह अंतिम सोमवारी न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र मानी जाती है, बल्कि ग्रहों की विशिष्ट चाल इसे भी प्रभावशाली बना रही है। इस दिन शनि मीन राशि में और मंगल कन्या राशि में स्थित होंगे, जिससे एक ऊर्जा से भरपूर योग का निर्माण हो रहा है। यह योग विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा महामृत्युंजय जाप जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायक माना जा रहा है।
किन राशियों को मिलेगा ग्रहों का साथ?
इस विशेष योग से सबसे अधिक लाभ कुंभ राशि के जातकों को मिलने की संभावना है। आर्थिक दृष्टि से सुधार दिखाई देगा और पर्सनल एवं प्रोफेशनल लाइफ में स्थिरता आएगी। वृषभ राशि वालों के लिए यह समय नई संभावनाओं और आय के स्त्रोत खोलने वाला साबित हो सकता है। कोई रुका हुआ काम अचानक बन सकता है या नया व्यापारिक अवसर हाथ लग सकता है।
किन राशियों को बरतनी होगी सतर्कता?
हालांकि यह समय हर किसी के लिए अनुकूल नहीं है। धनु और कर्क राशि के जातकों को इस अवधि में विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। मानसिक तनाव, थकान या शारीरिक अस्वस्थता जैसी परेशानियां उभर सकती हैं। इनके लिए यह समय थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकता है और पहले से चल रहे कामों में भी रुकावटें आ सकती हैं।
ऐसे में इन दोनों राशियों के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से भगवान शिव का षडाक्षर स्तोत्र पढ़ें और सोमवार के दिन व्रत एवं जलाभिषेक जैसे उपाय करें। इससे नकारात्मक प्रभाव कम होंगे और मानसिक शांति भी प्राप्त होगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।














