आज हैं राधा अष्‍टमी का पावन पर्व, इन उपायों से बनेंगे धन प्राप्ति के शुभ संयोग

By: Ankur Tue, 14 Sept 2021 08:20 AM

आज हैं राधा अष्‍टमी का पावन पर्व, इन उपायों से बनेंगे धन प्राप्ति के शुभ संयोग

आज 14 सितंबर को भाद्रपद माह के शुक्‍ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि हैं जिसे राधाष्‍टमी के तौर पर जाना जाता हैं। यह दिन कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के ठीक 15 दिन बाद आता हैं। इस दिन को राधारानी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन का पौराणिक महत्व बहुत हैं जिसमें रखा गया व्रत मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता हैं और जीवन में अपार धन की प्राप्ति होती हैं। आज इस कड़ी में हम आपको राधा अष्‍टमी के अगले दिन से किए जाने वाले उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे धन प्राप्ति के शुभ संयोग बनेंगे।

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राधारानी का यह पाठ माना जाता है शुभ

नियमित देवी राधा के स्तोत्र का राधाष्टमी से अगले 10 दिनों तक पाठ करें, अगर राधा स्तोत्र का पाठ न कर पाएं तो राधा सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ कीजिए। माना जाता है कि इस पाठ को करने से आपके ऊपर कान्‍हाजी के साथ ही लक्ष्‍मी स्‍वरूप मां लक्ष्‍मी भी प्रसन्‍न होती हैं।

सुरैया पर्व

राधाष्टमी से सुरैया पर्व का आरंभ होता है जो 10 दिनों तक चलता है। यह पर्व जीवन को सुर में लाने का पर्व है। इसमें 10 दिनों तक देवी लक्ष्मी के स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे धन वैभव की प्राप्ति होती है। इसके साथ इन 10 दिनों के बीच में पड़ने वाले शुक्रवार को मां लक्ष्‍मी को केसर की खीर का भोग लगाना चाहिए। इससे आपके घर में आनंद की प्राप्ति होती है और परिवार में खुशियां बढ़ती हैं।

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इस तरह से करें पूजा

राधाष्‍टमी से अगले 10 दिन तक देवी राधा और भगवान श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति की पूजा करें। देवी राधा को सुहाग सामग्री भेंट करें और राधा कृष्ण नाम का यथसंभव जप करें। हो सके तो इन 10 दिनों में गाय को रोजाना हरा चारा जरूर खिलाएं। इन काम को करने से आपके घर में बरकत आती है और धन की कमी कभी नहीं होती है।

कुबेरजी की पूजा

सुरैया पर्व को यक्ष और यक्षिणी साधना का भी समय कहा जाता है। भगवान कुबेर को यक्षराज कहा जाता है। यह धन के स्वामी हैं। सुरैया पर्व के दौरान यक्ष राज कुबेर की नियमित पूजा करें। राधाष्टमी के दिन कुबेर यंत्र और श्रीयंत्र की स्थापना करके नियमित इनकी पूजा करें। इस मंत्र का जप करते हुए कुबेर महाराज की पूजा करें।

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये॥
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। lifeberrys हिंदी इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से संपर्क जरुर करें।)

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