
वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को पड़ने वाला है। यह खगोलीय घटना सिंह राशि में घटित होगी, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्रग्रहण भावनाओं, मानसिक स्थिति और संबंधों पर गहरा असर डालता है। विशेष रूप से दो राशियां ऐसी हैं, जिनके प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में इस दौरान तनाव, भ्रम और दूरियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इन राशियों के जातकों को अपने रिश्तों के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। आवेश में आकर लिए गए निर्णय या छोटी बातों को बढ़ाना भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकता है। आइए जानते हैं कौन-सी हैं ये दो राशियां और किन उपायों से हालात को संतुलित रखा जा सकता है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए यह चंद्रग्रहण पंचम भाव में लगने जा रहा है। पंचम भाव को ज्योतिष में प्रेम, रोमांस, संतान और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस भाव में ग्रहण का प्रभाव प्रेम जीवन में अस्थिरता ला सकता है। पार्टनर के साथ गलतफहमियां बढ़ सकती हैं और किसी तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप रिश्ते में दरार डाल सकता है।
इस समय आपको अपने व्यवहार और शब्दों पर विशेष नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। छोटी-छोटी बातों पर क्रोध या अहंकार दिखाना रिश्ते को कमजोर कर सकता है। यदि आप अपने संबंध को बचाए रखना चाहते हैं तो संवाद का रास्ता अपनाएं। खुलकर बातचीत करने से कई उलझनें सुलझ सकती हैं।
विवाहित जातकों को भी जीवनसाथी के साथ तालमेल बैठाने का प्रयास करना चाहिए। बेवजह शक करना या पुरानी बातों को लेकर विवाद खड़ा करना वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ा सकता है। इस अवधि में धैर्य और समझदारी ही आपके रिश्ते को संभाल सकती है। ज्योतिषीय उपाय के रूप में भगवान शिव की आराधना करना और सोमवार के दिन व्रत रखना लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह चंद्रग्रहण सप्तम भाव में घटित होगा। सप्तम भाव विवाह, साझेदारी और जीवनसाथी का प्रतिनिधित्व करता है। इस स्थान पर ग्रहण लगने से दांपत्य जीवन में मतभेद उभर सकते हैं। आपके व्यवहार में चिड़चिड़ापन या उदासीनता आ सकती है, जिससे पार्टनर आहत हो सकता है।
यदि आप किसी रिश्ते में होते हुए भी किसी अन्य व्यक्ति के प्रति आकर्षित हैं, तो यह समय विशेष सावधानी का है। आपकी कोई छिपी बात उजागर हो सकती है, जिससे वैवाहिक जीवन में गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। अलगाव या दूरी की स्थिति बनने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रेम संबंध में जुड़े कुंभ राशि के लोगों को भी अपने भावनात्मक निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। दोहरे व्यवहार या अस्थिर मनोस्थिति से रिश्ते कमजोर पड़ सकते हैं। अपने साथी के प्रति ईमानदारी और स्पष्टता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इस दौरान सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए 10 वर्ष से कम आयु की कन्याओं को उपहार या मिठाई भेंट करना शुभ माना गया है। साथ ही, संयमित वाणी और शांत स्वभाव अपनाने से संबंधों में संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
रखें धैर्य और समझदारी
चंद्रग्रहण का प्रभाव स्थायी नहीं होता, लेकिन इस दौरान लिया गया कोई भी गलत निर्णय लंबे समय तक असर डाल सकता है। इसलिए इन दोनों राशियों के जातकों को सलाह दी जाती है कि वे रिश्तों में पारदर्शिता रखें, धैर्य से काम लें और आवेश से बचें। समझदारी और सकारात्मक सोच के साथ इस समय को पार किया जाए तो संभावित संकट को टाला जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।














