ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाला नौतपा हर साल भीषण गर्मी और तेज तपन के लिए जाना जाता है। मान्यता है कि जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा की शुरुआत होती है। इस बार नौतपा 25 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक रहने वाला है। लेकिन इस बार नौतपा सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि ग्रहों की हलचल के कारण भी खास माना जा रहा है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इसी दौरान देवगुरु बृहस्पति अपनी राशि बदलने जा रहे हैं, जिसका असर कई राशियों के जीवन पर देखने को मिल सकता है।
2 जून 2026 को गुरु ग्रह कर्क राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक करीब 12 साल बाद बृहस्पति का कर्क राशि में प्रवेश होने जा रहा है। गुरु को ज्ञान, धन, विवाह, करियर और भाग्य का कारक माना जाता है। ऐसे में उनका राशि परिवर्तन कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। हालांकि कुछ राशियों के लिए यह गोचर चुनौतियां और तनाव भी लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में, जिन्हें इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत पड़ सकती है।
1. वृषभ राशि
गुरु का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में परेशानी बढ़ा सकता है। इस दौरान सेहत से जुड़ी छोटी समस्याएं बड़ी चिंता का कारण बन सकती हैं। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से शुगर, थायरॉइड या पेट से संबंधित समस्या है, उन्हें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होगी।
इसके अलावा खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन उसके अनुसार परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
2. मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए गुरु का गोचर आर्थिक और मानसिक तनाव लेकर आ सकता है। इस दौरान धन से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और किसी करीबी व्यक्ति की वजह से परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
ज्योतिष अनुसार विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी, क्योंकि दुर्घटना या चोट लगने की आशंका बनी रह सकती है। स्वास्थ्य के मामले में भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
3. सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक तनाव और उलझनों से भरा रह सकता है। गुरु के कर्क राशि में प्रवेश करने के बाद आपको अपने निजी मामलों को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। अपनी योजनाएं या निजी बातें किसी के साथ साझा करने से नुकसान हो सकता है।
इस दौरान विवाद और बहस से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहेगा। छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ सकता है, जिसका असर मानसिक शांति पर पड़ेगा। कारोबार में भी उम्मीद के मुताबिक लाभ नहीं मिल पाएगा और कुछ फैसले नुकसान का कारण बन सकते हैं। इसलिए जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें।
4. कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए गुरु गोचर रिश्तों और करियर दोनों में चुनौतियां खड़ी कर सकता है। परिवार और करीबी रिश्तों में मनमुटाव की स्थिति बन सकती है। छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने की संभावना रहेगी, इसलिए बातचीत में संयम बनाए रखना जरूरी होगा।
कार्यस्थल पर भी दबाव बढ़ सकता है और कुछ लोग आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं। इस समय किसी नए काम या बड़े निवेश का फैसला सोच-समझकर ही करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भविष्य में परेशानी का कारण बन सकता है।
गुरु गोचर के दौरान रखें विशेष सावधानी
ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को शुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है, लेकिन जब उनकी स्थिति प्रतिकूल होती है तो जीवन के कई क्षेत्रों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। ऐसे में इस गोचर के दौरान धैर्य और संयम बनाए रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सावधानी बरतना लाभकारी रहेगा। किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें और मानसिक तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। नौतपा और गुरु गोचर का यह संयोग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, इसलिए आने वाले दिनों में सतर्क रहना ही समझदारी होगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। किसी विशेष निर्णय या अनुष्ठान से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।














