केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में रविवार को आयोजन हुए एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार के काम करने की कार्यशैली पर सवाल उठाए। नितिन गडकरी ने कहा कि योजनाओं के लिए पैसे की कमी नहीं है लेकिन फैसले लेने में जो हिम्मत चाहिए, सरकार में वो नहीं है। इस दौरान अपने लक्ष्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि पिछले पांच साल में उन्होंने 17 लाख करोड़ रुपये के काम करवाए हैं और इस साल वह 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना चाहते हैं। उन्होंने योजनाओं पर काम न होने के लिए सरकार की नकारात्मक एटिट्यूड को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा मैं आपको सच बताता हूं, पैसे की कोई कमी नहीं है। जो कुछ कमी है वो सरकार में काम करने वाली मानसिकता की है, जो निगेटिव एटीट्यूड है उसकी है। उन्होंने कहा 'परसो मैं एक हाइएस्ट फोरम की मीटिंग में था। वहां वो (आईएएस अधिकारी) कह रहे थे कि ये शुरू करेंगे-वो शुरू करेंगे, तो मैंने उनको कहा कि आप क्यों शुरू करेंगे? आपकी अगर शुरू करने की ताकत होती तो आप आईएएस ऑफिसर बनके यहां नौकरी क्यों करते?'
Union Min Nitin Gadkari: ...Isliye main parso humare ek highest forum mein tha to vo keh rahe the hum yeh shuru karenge, vo shuru karenge, to maine unko kaha aap kyu shuru karenge? Aapki agar shuru karne ki taakat hoti to aap IAS officer ban ke yahan naukri kyun karte? (19.01.20) https://t.co/bXLNBA0QcP
— ANI (@ANI)
नितिन गडकरी ने खिलाड़ियों के समर्थन में नागपुर के कई खेल मैदानों का दौरा किया। नितिन गडकरी ने नागपुर के छत्रपति नगर के एक मैदान में क्रिकेट खेला। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए 'खासदार क्रीड़ा महोत्सव' के तहत अपना समर्थन दिखाने के लिए शहर के कई अन्य मैदानों का भी दौरा किया। 24 जनवरी तक चलने वाले 'खासदार क्रीड़ा महोत्सव' में करीब 38 हजार खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस महोत्सव में 32 खेलों को शामिल किया गया है।














