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  • बड़ा सवाल : शाहीन बाग प्रदर्शन की कमान किसके हाथ में, कौन है इन सबके के पीछे?, जवाब में वहां मौजूद महिलाओं ने कही ये बात...

बड़ा सवाल : शाहीन बाग प्रदर्शन की कमान किसके हाथ में, कौन है इन सबके के पीछे?, जवाब में वहां मौजूद महिलाओं ने कही ये बात...

By: Pinki Wed, 29 Jan 2020 09:44 AM

बड़ा सवाल : शाहीन बाग प्रदर्शन की कमान किसके हाथ में, कौन है इन सबके के पीछे?, जवाब में वहां मौजूद महिलाओं ने कही ये बात...

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ पिछले 45 दिन से शाहीन बाग में प्रदर्शन चल रहा है। शाहीन बाग में प्रदर्शन करने वाली महिलाएं है। अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि यहां मौजूद महिलाओं की कमान किसके हाथ में है। कौन इन सबके के पीछे है? हो इसके जवाब में 10 से अधिक महिलाएं एक सुर में कहती हैं, 'हम हैं।' मंगलवार को स्टेड से महिलाओं ने समवेत स्वर में कहा, 'हम सब लीडर हैं।' 22 साल की रुबी प्रदर्शन के बदले पैसे लेने और दूसरे आरोपों पर कहती हैं कि हम गांधीजी के तीन बंदर की तरह है। प्रदर्शन की कमान 30 से 50 महिलाओं के समूह पर है। इनमें सबसे युवा 22 साल की हैं जबकि सबसे उम्रदराज महिला 60 पार कर चुकी हैं। प्रदर्शनकारियों में सबसे बुजुर्ग महिलाओं में से एक जामिया नगर की जाहिरा कहती हैं कि यहां सब लीडर हैं। महिलाओं ने अपना समूह बना लिया है और बारी-बारी से अपनी ड्यूटी बदलती रहती हैं। स्टेज से भीड़ को नियंत्रित करती हैं और प्रदर्शन का नेतृत्व करती हैं। महिलाओं का कहना है कि जब तक काला कानून (नागरिकता कानून) नहीं हटेगा, हम भी यहां से नहीं हटेंगे।

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अब सवाल उठता है कि इस प्रदर्शन को फंड कहा से मिल रहा है जो इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों में से एक रितु ने बताया कि यह आंदोलन अपनी प्रेरणा से शुरु हुआ है। कुछ लोगों ने स्वैच्छिक दान दिया जिससे जनरेटर और टेंट की व्यवस्था हुई। रितु ने बताया कि कुछ समूह खाने का इंतजाम कर देते हैं और किसी ने माइक सिस्टम दिया।

अपनी बुलंद आवाज की वजह से शाहीन इकरा शाहीन बाग प्रदर्शन में चर्चित हो गई हैं। रितु कौशिक, नाजिया और कहकशां के साथ शाहीन इकरा इस प्रदर्शन का खास चेहरा बन गई है। इकरा कहती हैं, 'यह सब कुछ स्वाभाविक तरीके से हुआ एक पेपर था जो जल्द रजिस्टर में बदल गया। रजिस्टर में समर्थन देनेवालों के नाम लिखे जाते हैं।' कौशिक ने बताया कि मुझ पर 500 रुपये के बदले प्रदर्शन चलाने का आरोप लगा। मुझे बुरी तरह से ट्रोल किया गया जिसके बाद मैंने अपना फेसबुक अकाउंट सस्पेंड कर दिया।

नाज़िया शकील ने इस प्रदर्शन के शुरुआत को याद करते हुए कहा कि 15 दिसंबर की रात पुलिस ने जामिया मिलिया पर हमला बोला था। इसके बाद हमारी कॉलोनी तक मार्च निकाला गया। हमने टीवी पर उस दिन भयानक घटना देखी। कुछ देर बाद जब स्थितियां नियंत्रण में आईं तो हमारा पूरा पड़ोस मोहल्ला इकट्ठा हो गया गया और हमने तय किया कि अगर आज नहीं करेंगे तो कब करेंगे?

बता दे, शाहीन बाग में चल रहा प्रदर्शन दिल्ली विधानसभा चुनाव में आर-पार की जंग का मसला बन चुका है। शाहीन बाग के मसले पर बीजेपी नेता लगातार बयानबाजी कर रहे हैं और इसे राजनीतिक साजिश का हिस्सा बता रहे हैं।

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