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  • महाराष्ट्र में बन सकती है BJP-शिवसेना की सरकार, अठावले ने सुझाया नया फॉर्मूला

महाराष्ट्र में बन सकती है BJP-शिवसेना की सरकार, अठावले ने सुझाया नया फॉर्मूला

By: Pinki Mon, 18 Nov 2019 6:43 PM

महाराष्ट्र में बन सकती है BJP-शिवसेना की सरकार, अठावले ने सुझाया नया फॉर्मूला

महाराष्ट्र में सरकार कब बनेगी इस पर मंथन लगातार जारी है। जहां एक तरफ शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने में लगी है वही दूसरी तरफ खबर आ रही है कि केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया कि समझौते के फॉर्मूले पर शिवसेना से चर्चा हुई है। आठवले ने कहा कि मैंने शिवसेना नेता संजय राउत को 3 साल भाजपा और 2 साल शिवसेना के मुख्यमंत्री का सुझाव दिया है। राउत ने कहा कि भाजपा अगर इस पर राजी है तो हम विचार करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब मैं इस संबंध में भाजपा से बात करूंगा।

रामदास अठावले ने कहा कि अमित भाई ने कहा कि सभी चीजें सही दिशा में जा रही हैं। अंत में बीजेपी और शिवसेना ही सरकार (महाराष्ट्र में) बनाएंगी। मुझे लगता है कि शिवसेना को अपना रुख बदलना चाहिए। कांग्रेस शिवसेना को सपोर्ट करने को तैयार नहीं है।

रामदास अठावले ने कहा कि मैंने अमित शाह से कहा कि अगर वह मध्यस्थता करते हैं तो रास्ता निकाला जा सकता है, इस पर अमित शाहने कहा कि चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा। बीजेपी और शिवसेना सरकार बनाने के लिए साथ आएंगी।

बता दें कि 29 अक्टूबर को आठवले ने शिवसेना से अपील की थी कि वह मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग को ज्यादा लंबा नहीं खींचे और उसे उप मुख्यमंत्री पद लेने के लिए सहमत हो जाना चाहिए। आठवले ने उद्धव ठाकरे से अपील करते हुए कहा था कि 'मुझे नहीं लगता कि शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद मिलेगा। लेकिन वह महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट के ज्यादा विभाग और केंद्र में एक अतिरिक्त मंत्री पद ले सकते हैं।'

बता दे, महाराष्ट्र में किसी भी दल द्वारा सरकार न बना पाने की स्थिति को देखते हुए 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद के मुद्दे को लेकर भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूट गया था। इसके बाद नए सियासी समीकरण बने हैं। इसमें शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ आ रही है। सूत्रों की मानें तो तीनों दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार हो गया है। इसके अनुसार मुख्यमंत्री पद शिवसेना के पास ही रहेगा, जिस पर राकांपा और कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं है। इसके एवज में राकांपा को गृह विभाग और कांग्रेस को राजस्व विभाग देने पर सहमति बन गई है। कांग्रेस और राकांपा को डिप्टी सीएम पद भी मिलेंगे।

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