इस्लामी स्कॉलर्स के भारत में सबसे बड़े धार्मिक संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद के मुखिया मौलाना मदनी ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया है। मौलाना महमूद मदनी ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और सभी कश्मीरी उनके हमवतन हैं। जमीयत उलेमा का कहना है कि पाकिस्तान कश्मीर को तबाह करने में जुटा है। हम कश्मीर के अलगाववादियों का समर्थन नहीं करते है। अलगावादी देश और कश्मीर दोनों के दुश्मन हैं और 370 पर हम देश के साथ है।
जमीयत उलेमा हिंद के मौलाना महमूद मदनी ने मीडिया को बताया, 'आज हमने अपनी बैठक में प्रस्ताव पारित किया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। देश की सुरक्षा और अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह भारत हमारा देश है और हम इसके साथ है।'
Jamiat Ulama-i-Hind: We feel it's our national duty to protect democratic&human rights of Kashmiri people. Nevertheless, it's our firm belief that their welfare lies in getting integrated with India. The inimical forces and neighbouring country are bent upon destroying Kashmir. https://t.co/zoPBpoXKeH
— ANI (@ANI)
मौलाना मदनी ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा, 'पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय पटल पर ऐसा संदेश देता है कि भारत का मुसलमान अपने देश के साथ नहीं है। हम पाकिस्तान की इस हरकत की निंदा करते है। '
मौलाना मदनी ने कहा, 'आज की जनरल कौंसिल की मीटिंग में पूरे देश से मेम्बर आये। करीब 3 हज़ार सदस्य आज की मीटिंग में शामिल हुए। आज की बैठक में सद्भावना मंच बनाया गया है, इसमें हिन्दू मुस्लिम सब सदस्य होंगे। कुछ ताकते ऐसा दिखाने की कोशिश कर रही है कि मुसलमान देश के साथ नहीं है। वो ताकते कभी कामयाब नही होगी। देश के मुस्लिम हमेशा देश के साथ थे, है और रहेंगे। हमने मदरसों को ये सलाह दी है कि जब मदरसों से कोई बच्चा पढ़कर निकले तो कम से कम दुनियावी लिहाज से वो 12 वीं तक की तालीम मदरसे में ही हासिल करके निकलें'
जमीयत उलमा-ए-हिंद के महमूद मदनी से पूछा गया कि यदि सरकार पूरे देश में एनआरसी लागू करने का निर्णय लेती है तो क्या होगा? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि, मेरा जी चाहता है कि मैं डिमांड करुं की सारे मुल्क में कर लो, पता चल जाएगा की घुसपैठिये कितने हैं। जो असली हैं उनके ऊपर भी दाग लगाया जाता है तो पता चल जाएगा, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
बता दे, जमीयत उलमा-ए-हिंद को भारत में सबसे प्रभावशाली मुस्लिम समूहों में से एक माना जाता है। देवबंदी स्कूल से संबंधित, 1919 में जमीयत उलमा-ए-हिंद की स्थापना की गई।














