नए कृषि कानूनों के विरोध में आज किसानों के आंदोलन का 19वां दिन है। एक तरफ सरकार कृषि कानूनों में संशोधन को लेकर किसानों को मनाने में लगी है, दूसरी ओर किसान अपनी सभी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों के सभी अध्यक्ष सोमवार को एक दिन का भूख हड़ताल पर हैं। वे आज शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर रहेंगे, साथ ही सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे। किसानों ने रविवार को कुंडली बॉर्डर पर मीटिंग कर ये फैसले लिए। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन के संबंध में जो भी फैसला कुंडली बॉर्डर से होगा, वही आखिरी माना जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के जनरल सेक्रेटरी हरिंदर सिंह लोखवाल ने कहा, 'हम सरकार को नींद से जगाना चाहते हैं। इसलिए यूनाइटेड फार्मर्स फ्रंट के 40 किसान नेता आज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल पर हैं। इनमें से 25 किसान नेता सिंघु बॉर्डर पर, 10 टिकरी बॉर्डर पर और 5 यूपी बॉर्डर पर अनशन करेंगे।'
सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि नेता अपने-अपने स्थानों पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'देशभर के सभी जिला मुख्यालयों में धरने दिये जाएंगे। प्रदर्शन इसी प्रकार चलता रहेगा।' साथ ही किसान सिंधु, टिकरी, पलवल, गाजीपुर सहित सभी नाकों पर अनशन पर बैठेंगे।
किसान नेता संदीप गिड्डे ने बताया कि 19 दिसंबर से प्रस्तावित किसानों की अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल रद्द कर दी गई है। इसके बजाय सोमवार को दिनभर की भूख हड़ताल की जाएगी। वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'अगर सरकार बातचीत का एक और प्रस्ताव रखती है तो हमारी कमेटी उसपर विचार करेगी। हम सभी से प्रदर्शन के दौरान शांति बरकरार रखने की अपील करते हैं।'
Delhi: Farmer leaders sit on a hunger strike; visuals from Singhu (Delhi-Haryana border) where farmers' protest enters 19th day.#FarmLaws pic.twitter.com/v69XIZCzdi
— ANI (@ANI) December 14, 2020














