
मैदा खाना मतलब सेहत को नुकसान पहुंचाना मैदा हमारे लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक है, गेहूं में से पोस्टिक तत्व निकालने के बाद जो बचा रह जाता है उसे बलीच करके जो बनता है वह है मैदा, मैदा में पौष्टिक नहीं होता और इसमें फाइबर बिल्कुल भी नहीं होता तभी मैदा बहुत समय लेता है पचने के लिए। कुछ लोग जो वजन कम करने का प्रयास करते हैं वे मैदे से बनी हुई चीजें नहीं खाते। हर किसी के किचन में मैदा पाया जाता है जिससे अनेको खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। मैदा या रिफाइंड आटे को रोज अपने आहार में शामिल करने से इसका नुकसान तुरंत दिखाई नहीं देता। इसके कई साइड इफेक्ट होते हैं जो लंबे समय तक प्रयोग करने के बाद ही पता चलता है। मैदा एक धीमा जहर है जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए और मैदा खाने से कौन सी बीमारियां हो सकती है ये हम आपको बताने जा रहे हैं

# फूड एलर्जी : मैदे में ग्लूटन होता है जोकि फूड एलर्जी को पैदा करता है। इसमें भारी मात्रा में ग्लूटन पाया जाता है जो खाने को लचीला बनाकर उसको मुलायम टेक्सचर देता है। वहीं गेंहू के आटे में ढेर सारा फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है।
# हड्डियां : मैदा बनाते वक्त इसमें से प्रोटीन निकल जाता है और यह एसिडिक बन जाता है जो हड्डियों से कैल्शियम को खींच लेता है। इससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।
# गठिया की बीमारी : मैदा अधिक खाने वाले लोगों को गठिया की समस्या हो सकती है। मैदा शरीर के जोड़ो में जाकर हड्डियों में मौजूद कैल्श्यिम को सोख लेता है जिस वजह से गठिया जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए जितना हो सके मैदे से परहेज करें।
# मधुमेह बढ़ना : मैदा खाने से डायबिटीज बढ़ती है। यही नहीं जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या नहीं भी होती है उन्हें मैदा खाने से यह बीमारी हो सकती है। मैदा शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देता है। जिसकी वजह से शरीर में इंसुलिन का बढ़ना रूक जाता है और इस वजह से इंसान मधुमेह की चपेट में आ जाते हैं।
# मोटापा बढ़ाए : बहुत ज्यादा मैदा खाने से शरीर का वजन बढ़ना शुरु हो जाता है। यही नहीं इससे कोलेस्ट्रॉल का लेवल और खून में ट्राइग्लीसराइड भी बढ़ता है।
# पेट के रोग : मैदा खाने का एक और बड़ा नुकसान यह है कि इससे पेट के कई रोग हो सकते हैं। मैदे में फाइबर की मात्रा नहीं होती है। जिस वजह से पेट की आंत इसे सही तरह से नहीं पचा पाती है । और इसकी वजह से पेट में ऐठनए पेट का दर्द और पेट खराब हो जाता है।














