
व्यक्ति के जीवन में घटित हो रही घटनाओं का संबंध उसकी कुंडली में स्थित ग्रहों की दशा पर बहुत निर्भर करता हैं। ग्रहों की दशा आने वाले समय को तय करती है। ग्रहों की कमजोर स्थिति परेशनियां लाती हैं तो मजबूत स्थिति सुख-समृद्धि। ऐसे में जरूरी हैं कि नवग्रह को प्रसन्न किया जाए और स्थितियां अपने अनुकूल बनाई जाए। इसलिए आज इस कड़ी में हम आपके लिए नवग्रह के कुछ मंत्र लेकर आए हैं जिनके जाप से आपकी सभी परेशानियां दूर होगी। तो आइये जानते हैं इन मन्त्रों के बारे में।

- सूर्य ग्रह : "ॐ आदित्याय नमः"
- चंद्रमा ग्रह : "ॐ सों सोमाय नमः"
- मंगल ग्रह : "ॐ अं अंगारकाय नमः"
- बुध ग्रह : "ॐ बुं बुधाय नमः"
- गुरु ग्रह : "ॐ बृं बृहस्पतये नमः"
- शुक्र ग्रह : "ॐ शुं शुक्राय नमः"
- शनि ग्रह : "ॐ शं शनैश्चराय नमः"
- राहु ग्रह : "ॐ रां राहवे नमः"
- केतु ग्रह : "ॐ कें केतवे नमः"














