
अमेरिका में एक बड़े आतंकी हमले की आशंका को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते टाल दिया। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार (2 जनवरी) को खुलासा किया कि नए साल की पूर्व संध्या पर उत्तरी कैरोलिना में एक संभावित आतंकी हमले की योजना बनाई जा रही थी। इस साजिश में इस्लामिक स्टेट (ISIS) से प्रेरित एक युवक शामिल था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिकी संघीय एजेंटों ने बुधवार को 18 वर्षीय क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट को हिरासत में लिया। उस पर गंभीर आरोप हैं कि वह अमेरिका में हमले की तैयारी कर रहा था। एफबीआई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि समय पर कार्रवाई कर संभावित हमले को विफल कर दिया गया।
एफबीआई निदेशक काश पटेल का बयान
एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने इस कार्रवाई की जानकारी खुद साझा की। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “एफबीआई और उसके सहयोगी सुरक्षा एजेंसियों ने आईएसआईएस से प्रेरित एक व्यक्ति द्वारा नए साल की पूर्व संध्या पर किए जाने वाले संभावित आतंकी हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है।”
पटेल ने यह भी बताया कि इस मामले से जुड़ी और जानकारी जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए साझा की जाएगी। वहीं, उत्तरी कैरोलिना की एक अदालत ने आरोपी को 7 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
जाल बिछाकर FBI ने ऐसे दबोचा आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, एफबीआई एजेंटों ने रणनीति के तहत खुद को इस्लामिक स्टेट के सदस्य बताकर आरोपी से संपर्क साधा। एजेंटों को आईएसआईएस से जुड़ा मानकर स्टर्डिवेंट ने उनके सामने संगठन के प्रति वफादारी की शपथ ली।
पूछताछ और ऑनलाइन बातचीत के दौरान आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह जल्द ही ‘जिहाद’ की योजना बना रहा है। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के मुताबिक, उसने खुद को ‘राज्य का सिपाही’ बताया, जिसका सीधा संदर्भ आईएसआईएस से था।
पहले से FBI के रडार पर था युवक
यह मामला अचानक सामने नहीं आया। एफबीआई स्टर्डिवेंट को वर्ष 2022 से जानती थी, जब वह नाबालिग था। एएफपी ने विशेष एजेंट जेम्स बार्नेकल के हवाले से बताया कि उस समय आरोपी सोशल मीडिया के जरिए एक अज्ञात आईएसआईएस सदस्य के संपर्क में था।
हालांकि, उस वक्त उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया था। इसके बजाय उसका मनोवैज्ञानिक उपचार कराया गया। बाद में सुरक्षा एजेंसियों को उसकी ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े नए संकेत मिले, जिसके बाद निगरानी बढ़ाई गई और आखिरकार इस साजिश को नाकाम कर दिया गया।














