
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वहां की सियासत पूरी तरह उलट-पुलट हो गई है। इस कार्रवाई के केंद्र में रहे राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को आखिरकार कैसे हिरासत में लिया गया, इसे लेकर अब चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिकी ताकत और इरादों का प्रतीक बताते हुए कहा कि वॉशिंगटन किसी भी तरह के दबाव में झुकने वाला नहीं है। अमेरिकी सेना की एलिट यूनिट डेल्टा फोर्स ने राजधानी काराकास में यह बेहद गोपनीय और तेज़ रफ्तार अभियान अंजाम दिया।
‘बेडरूम से घसीटते हुए बाहर निकाले गए’
अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को सीधे उनके बेडरूम से पकड़कर बाहर लाया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई इतनी अचानक और सटीक थी कि सुरक्षा बलों को प्रतिक्रिया का मौका तक नहीं मिला।
न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, मादुरो दंपति राजधानी काराकास के फोर्ट टियूना स्थित हाई-सिक्योरिटी सैन्य परिसर में अपने आधिकारिक आवास में सो रहे थे। उसी दौरान अमेरिकी विशेष बलों ने पूरे इलाके को घेरते हुए उनके घर में प्रवेश किया और दोनों को हिरासत में ले लिया। इस ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था, ताकि किसी भी तरह की लीक या विरोध का खतरा न रहे।
‘ऑपरेशन में कोई हताहत नहीं’ — ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को एक अमेरिकी वॉरशिप के जरिए अमेरिका लाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूरे ऑपरेशन में किसी की जान नहीं गई और यह मिशन बेहद सधे हुए तरीके से पूरा किया गया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद इस पूरे ऑपरेशन को लाइव देखा, जो किसी हाई-वोल्टेज टीवी शो से कम नहीं था। सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों के साथ-साथ एफबीआई के एजेंटों की एक विशेष टीम भी इस मिशन में शामिल थी। ट्रंप ने बताया, “हम चार दिनों से सही मौके का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही हालात अनुकूल हुए, कार्रवाई कर दी गई।”
‘वेनेजुएला को लेकर नई रणनीति पर काम’
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका अब वेनेजुएला के भविष्य को लेकर अगली रणनीति तैयार करने में जुट गया है। ट्रंप ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, हालांकि उनके अनुसार किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई है।
ट्रंप का कहना है कि यह कदम न सिर्फ वेनेजुएला बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि अमेरिका अपने हितों और नीतियों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा।
वैश्विक प्रतिक्रिया: रूस भड़का, यूरोप सतर्क
अमेरिका की इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। रूस ने इस कदम को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसे वेनेजुएला की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला बताया। ईरान समेत कई अन्य देशों ने भी अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आलोचना की है।
वहीं दूसरी ओर, यूरोपीय यूनियन इस पूरे मामले से दूरी बनाते हुए नजर आ रही है और फिलहाल किसी स्पष्ट पक्ष में खड़े होने से बच रही है। वैश्विक राजनीति के लिहाज से यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में बड़े भू-राजनीतिक बदलावों की आहट देता दिखाई दे रहा है।














