प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित विदेश यात्रा पर हैं और चौथे पड़ाव के रूप में वे अब ब्राजील पहुंच चुके हैं। जैसे ही वह ब्राजील की धरती पर उतरे, राजधानी रियो डी जनेरियो की फिजाओं में एक खास गर्मजोशी और उत्साह महसूस हुआ। प्रवासी भारतीयों ने वहां अपने अनोखे अंदाज़ में उनका स्वागत किया— जिसमें देश की माटी की खुशबू भी थी और गर्व की झलक भी।
चार दिनों तक पीएम मोदी ब्राजील में रहेंगे और इस दौरान वह 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जहां दुनिया की पांच बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं— ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका— के नेताओं से मुलाकात होगी।
ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित नृत्य से गूंजा रियो
ब्राजील की धरती पर जो नज़ारा देखने को मिला, वो बेहद भावुक कर देने वाला था। प्रवासी भारतीय समुदाय ने पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों के साथ प्रधानमंत्री का ऐसा स्वागत किया, जैसे कोई अपना बहुत लंबे समय बाद घर लौटा हो। खास बात ये रही कि यह नृत्य प्रस्तुति "ऑपरेशन सिंदूर" थीम पर आधारित थी, और "ये देश नहीं मिटने दूंगा" गीत पर सजीव प्रस्तुति ने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
#WATCH | Rio de Janeiro, Brazil | People of the Indian diaspora perform a cultural dance based on the theme of Operation Sindoor as they welcome PM Modi
— ANI (@ANI) July 6, 2025
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/BZ76z5TeYbब्रिक्स सम्मेलन में रखेंगे कई अहम मुद्दे
6 और 7 जुलाई को होने वाले इस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी शांति, सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और फाइनेंस जैसे विषयों पर विचार रख सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे द्विपक्षीय वार्ताओं के ज़रिए वैश्विक सहयोग को नई दिशा देंगे। इस मंच पर भारत की आवाज़ को सुनने के लिए दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
9 जुलाई को पहुंचेंगे नामीबिया
ब्राजील की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 9 जुलाई को नामीबिया के लिए रवाना होंगे। वहां वे देश की संसद को संबोधित करेंगे। यह मौका ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि नामीबिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को एक नई मजबूती मिलने की संभावना है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी 8 दिनों में 5 देशों की यात्रा पर हैं। इससे पहले वे घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और अर्जेंटीना का सफल दौरा कर चुके हैं। यह यात्रा न सिर्फ राजनयिक दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि इससे भारत की वैश्विक छवि और मजबूत हो रही है।














