
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से एक दुखद खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से लापता चल रहे भारतीय छात्र का शव बरामद कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस ने 22 वर्षीय साकेत श्रीनिवासैया की पहचान की पुष्टि की है। साकेत मूल रूप से कर्नाटक के निवासी थे और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले (यूसी बर्कले) में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे थे। वे मंगलवार से अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई थी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साकेत का बैकपैक पार्क हिल्स इलाके में एक घर के बाहर मिला था। बैग में उनका पासपोर्ट और लैपटॉप सुरक्षित पाया गया, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। जानकारी के मुताबिक, उन्हें आखिरी बार ड्वाइट वे के 1700 ब्लॉक के आसपास देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
तलाशी अभियान के बाद मिला शव
गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें “एट-रिस्क” श्रेणी में रखा था, यानी ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका हो। इसके चलते खोज अभियान को प्राथमिकता दी गई। लेक अंजा और टिल्डेन रीजनल पार्क के आसपास व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। कई दिनों की खोजबीन के बाद अधिकारियों ने उनके शव की बरामदगी की पुष्टि की।
इस खबर ने विश्वविद्यालय परिसर और भारतीय समुदाय में गहरा शोक फैला दिया है। साकेत एक मेधावी छात्र थे और अपने शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे।
भारतीय दूतावास ने जताई संवेदना
सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि स्थानीय पुलिस ने साकेत श्रीनिवासैया के शव मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस कठिन समय में दूतावास ने उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है और हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि कॉन्सुलेट के अधिकारी परिवार के लगातार संपर्क में हैं। पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, ताकि परिवार को इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न उठानी पड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
साकेत श्रीनिवासैया केमिकल एंड बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग विभाग में मास्टर्स कर रहे थे। उन्होंने वर्ष 2025 में आईआईटी मद्रास से बीटेक की डिग्री हासिल की थी। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां उल्लेखनीय रही थीं और वे अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए जाने जाते थे।
उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल परिवार, बल्कि शैक्षणिक जगत और भारतीय समुदाय को भी गहरा आघात पहुंचा है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। वहीं, भारतीय दूतावास परिवार को हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, ताकि पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा सके।













