न्यूज़
IPL 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

Jeffrey Epstein की मौत पर फिर उठे सवाल, ‘फांसी नहीं, गला घोंटकर मारा गया था’, शव परीक्षण करने वाले डॉक्टर का दावा

जेफ्री एपस्टीन की 2019 में हुई मौत पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। पोस्टमार्टम प्रक्रिया में शामिल रहे डॉ. माइकल बैडेन ने दावा किया है कि मौत फांसी से नहीं बल्कि गला घोंटने से हो सकती है। जानें क्या है पूरा विवाद और आधिकारिक रिपोर्ट पर क्यों कायम है संदेह।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 14 Feb 2026 09:17:33

Jeffrey Epstein की मौत पर फिर उठे सवाल, ‘फांसी नहीं, गला घोंटकर मारा गया था’, शव परीक्षण करने वाले डॉक्टर का दावा

यौन तस्करी के आरोपों में घिरे और कथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे अमेरिकी वित्तीय कारोबारी Jeffrey Epstein वर्ष 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल सेल में मृत पाया गया था। उस समय अधिकारियों ने उसकी मौत को फांसी लगाकर आत्महत्या करार दिया था। हालांकि घटना के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इस निष्कर्ष को लेकर संदेह पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब डॉ. माइकल बैडेन—जो एपस्टीन के परिवार की ओर से पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे—ने आधिकारिक रिपोर्ट पर दोबारा सवाल खड़े किए हैं। ब्रिटिश अखबार The Telegraph को दिए एक इंटरव्यू में बैडेन ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए उनकी निजी राय आत्महत्या से अलग है। उनके अनुसार, मौत का कारण फांसी की बजाय गला घोंटने से जुड़ा हो सकता है और पूरे प्रकरण की आगे भी विस्तृत जांच होनी चाहिए।

आधिकारिक रिपोर्ट बनाम विशेषज्ञ की शंका

2019 में, जब एपस्टीन यौन तस्करी से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे थे और मुकदमे की प्रतीक्षा में जेल में बंद थे, तब उन्हें उनकी कोठरी में मृत पाया गया। न्यूयॉर्क मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय ने पोस्टमार्टम के बाद मृत्यु को आत्महत्या घोषित किया।

डॉ. बैडेन ने स्वयं पोस्टमार्टम नहीं किया था, लेकिन वे परिवार की ओर से प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे। उनका कहना है कि शुरुआती स्तर पर मृत्यु के कारण को लेकर अधिक जानकारी की आवश्यकता महसूस की गई थी। 2019 में उन्होंने अपने निष्कर्ष को “अनिर्णीत” या अस्पष्ट बताया था।

इसके बावजूद, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के कुछ दिनों के भीतर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा परीक्षक डॉ. बारबरा सैम्पसन ने आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या घोषित कर दिया। सैम्पसन अपने फैसले पर अब भी कायम हैं और विभाग की ओर से भी यही आधिकारिक रुख बरकरार है।

घटना की रात क्या हुआ था?

रिपोर्ट के मुताबिक, अगली सुबह जेल के दो सुरक्षाकर्मियों ने एपस्टीन को उनकी सेल में अचेत अवस्था में पाया। बताया गया कि वे ऊपरी बर्थ से लगभग बैठी हुई स्थिति में लटके हुए थे और उनका शरीर जमीन से थोड़ा ऊपर था। उनके गले में नारंगी रंग की एक पट्टी जैसी वस्तु बंधी हुई थी, जिसे कपड़े या बिस्तर की चादर का हिस्सा माना गया।

गार्डों ने तत्काल उसे हटाकर सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बाद में उन दोनों सुरक्षाकर्मियों पर रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के आरोप लगे थे, जिससे मामले पर और संदेह गहराया।

न्याय विभाग द्वारा बाद में देखे गए कुछ वीडियो लॉग्स में यह भी उल्लेख किया गया कि 9 अगस्त की रात 10:39 बजे एक रिपोर्ट में “नारंगी रंग की झलक” को उस अलग-थलग सेल की दिशा में जाते हुए देखा गया था, जहां एपस्टीन को रखा गया था। हालांकि इन जानकारियों ने रहस्य को और उलझा दिया, लेकिन आधिकारिक निष्कर्ष में कोई बदलाव नहीं किया गया।

विवाद क्यों थम नहीं रहा?

एपस्टीन का मामला पहले से ही प्रभावशाली हस्तियों से कथित संबंधों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की चर्चाओं के कारण बेहद संवेदनशील रहा है। ऐसे में उनकी हिरासत में हुई मौत ने कई सवाल खड़े किए।

डॉ. बैडेन का ताजा बयान इस बहस को फिर से हवा दे रहा है कि क्या जांच में सभी संभावित पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान दिया गया था या नहीं। आधिकारिक तौर पर मामला आत्महत्या के रूप में बंद है, लेकिन विशेषज्ञों और आम जनता के एक वर्ग के बीच संदेह अब भी कायम है।

इस प्रकरण ने न्याय प्रणाली, जेल सुरक्षा व्यवस्था और उच्च-प्रोफाइल मामलों की पारदर्शिता को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। आने वाले समय में यदि नए साक्ष्य सामने आते हैं, तो यह मामला एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक बहस का केंद्र बन सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

आज 15 मई से देशभर में पेट्रोल-डीजल के दामों में जोरदार उछाल, ₹3 से ज्यादा की बढ़ोतरी, अपने शहर का नया रेट यहां देखें
आज 15 मई से देशभर में पेट्रोल-डीजल के दामों में जोरदार उछाल, ₹3 से ज्यादा की बढ़ोतरी, अपने शहर का नया रेट यहां देखें
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के आसार? RBI की चेतावनी से बढ़ी टेंशन, 48 घंटे में सरकार के 3 बड़े फैसले
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के आसार? RBI की चेतावनी से बढ़ी टेंशन, 48 घंटे में सरकार के 3 बड़े फैसले
दिल्ली में फिर शर्मनाक वारदात! टाइम पूछने के बहाने महिला को बस में खींचा, 2 घंटे तक की दरिंदगी
दिल्ली में फिर शर्मनाक वारदात! टाइम पूछने के बहाने महिला को बस में खींचा, 2 घंटे तक की दरिंदगी
थलापति विजय का बड़ा ऐलान: सरकारी कर्मचारियों का DA बढ़ा, महिलाओं को जल्द मिलेंगे ₹1000
थलापति विजय का बड़ा ऐलान: सरकारी कर्मचारियों का DA बढ़ा, महिलाओं को जल्द मिलेंगे ₹1000
पीएम मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, हर हफ्ते ‘नो कार डे’ अनिवार्य, अफसरों की विदेश यात्राओं पर लगी रोक
पीएम मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, हर हफ्ते ‘नो कार डे’ अनिवार्य, अफसरों की विदेश यात्राओं पर लगी रोक
चार साल बाद टूटा मौनी रॉय और सूरज नांबियार का रिश्ता, एक्ट्रेस ने खुद किया कंफर्म
चार साल बाद टूटा मौनी रॉय और सूरज नांबियार का रिश्ता, एक्ट्रेस ने खुद किया कंफर्म
ममता बनर्जी ने वकील की पोशाक में की कोर्ट में पैरवी, बार काउंसिल ने मांगा प्रैक्टिस सर्टिफिकेट
ममता बनर्जी ने वकील की पोशाक में की कोर्ट में पैरवी, बार काउंसिल ने मांगा प्रैक्टिस सर्टिफिकेट
क्या दिलजीत दोसांझ अब भारतीय नागरिक नहीं रहे? E-Visa से भारत आने की खबरों ने बढ़ाई चर्चा
क्या दिलजीत दोसांझ अब भारतीय नागरिक नहीं रहे? E-Visa से भारत आने की खबरों ने बढ़ाई चर्चा
राजा शिवाजी’ BO Collection D 14: रितेश देशमुख की फिल्म का जलवा जारी, 100 करोड़ क्लब से बस इतनी दूर
राजा शिवाजी’ BO Collection D 14: रितेश देशमुख की फिल्म का जलवा जारी, 100 करोड़ क्लब से बस इतनी दूर
दिल्ली में आंधी-बारिश का अलर्ट, फिर भी गर्मी से राहत नहीं; पारा 41°C के पार पहुंचने की संभावना
दिल्ली में आंधी-बारिश का अलर्ट, फिर भी गर्मी से राहत नहीं; पारा 41°C के पार पहुंचने की संभावना
RCB के लिए बढ़ी टेंशन! 16 पॉइंट्स के बावजूद प्लेऑफ से बाहर होने का खतरा, बना IPL 2026 का सबसे पेचीदा समीकरण
RCB के लिए बढ़ी टेंशन! 16 पॉइंट्स के बावजूद प्लेऑफ से बाहर होने का खतरा, बना IPL 2026 का सबसे पेचीदा समीकरण
किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता..., लगातार 5 हार के बाद भी शांत दिखे श्रेयस अय्यर
किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता..., लगातार 5 हार के बाद भी शांत दिखे श्रेयस अय्यर
पंजाब किंग्स की प्लेऑफ राह पर संकट के बादल! लगातार हार से बिगड़े समीकरण, श्रेयस अय्यर की टीम के लिए क्या है क्वालीफिकेशन का रास्ता?
पंजाब किंग्स की प्लेऑफ राह पर संकट के बादल! लगातार हार से बिगड़े समीकरण, श्रेयस अय्यर की टीम के लिए क्या है क्वालीफिकेशन का रास्ता?
PBKS vs MI: आखिरी ओवर में पलटा मैच, तिलक वर्मा ने तूफानी पारी से पंजाब किंग्स की उम्मीदों पर पानी फेर दिया
PBKS vs MI: आखिरी ओवर में पलटा मैच, तिलक वर्मा ने तूफानी पारी से पंजाब किंग्स की उम्मीदों पर पानी फेर दिया