
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार करार दिया। उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जो व्यक्ति संसद सदस्य बनने योग्य नहीं है, वही आज नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहा है। मौर्य ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की मंशा से विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने और दुष्प्रचार करने में जुटा है।
यह बयान उन्होंने शनिवार को अंबेडकरनगर जिले में दिया, जहां वे विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे। जी राम जी योजना के तहत आयोजित चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
भीटी क्षेत्र के खजुरी गांव में आयोजित चौपाल के दौरान मौर्य ने मंच से कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे नेता की आवश्यकता है जो जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाए, न कि वह जो निराधार आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति करे। राहुल गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल सत्ता के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहा है और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय नकारात्मक राजनीति में लगे हुए हैं। उनके अनुसार, जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।
अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी
केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के बाद से उनका संतुलन बिगड़ गया है और वे लगातार असंगत बयान दे रहे हैं। मौर्य ने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद से जुड़े मामलों को वापस लेने की कोशिश की गई थी। बाद में उन्हीं मामलों में कई आरोपियों को अदालतों ने फांसी और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भाजपा सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
संविधान और आरक्षण पर सरकार का रुख
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि संविधान और आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित हैं और भविष्य में भी इनकी रक्षा की जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इन मुद्दों को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश करता है। मौर्य ने दावा किया कि हरियाणा, मुंबई, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक मजबूती से विपक्ष घबराया हुआ है।
समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को उन्होंने भ्रामक बताते हुए कहा कि यह वास्तव में सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि परिवारवाद की राजनीति को आगे बढ़ाने का माध्यम है। उनके मुताबिक भाजपा सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अवध सहित पूरे उत्तर प्रदेश में कमल खिलाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।













