
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर दहशतगर्दी की चपेट में आ गई है। जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद क़स्र-ए-ख़दीजतुल कुबरा में आत्मघाती बम धमाका हुआ, जिसमें अब तक 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है, जबकि 22 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और नमाज में शामिल लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
धमाके के बाद राजधानी में हाई अलर्ट, इमरजेंसी लागू
मस्जिद परिसर में हुए विस्फोट के तुरंत बाद इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने शिया मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों को सील कर दिया है और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल धमाके के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और किसी आतंकी संगठन या व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
मस्जिद के प्रवेश द्वार पर किया गया आत्मघाती हमला
HTN वर्ल्ड न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक हमलावर ने मस्जिद के मुख्य गेट पर खुद को बम से उड़ा लिया। घटना की सूचना मिलते ही इस्लामाबाद पुलिस, रेस्क्यू टीमें और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
PIMS के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के निर्देश पर अस्पताल में भी इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन से बात करते हुए अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि मेन इमरजेंसी के साथ-साथ ऑर्थोपेडिक, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके।
पहले भी दहल चुका है इस्लामाबाद
यह पहला मौका नहीं है जब इस्लामाबाद को इस तरह के हमले का सामना करना पड़ा हो। करीब तीन महीने पहले, 11 नवंबर 2025 को राजधानी के G-11 इलाके में डिस्ट्रिक्ट और सेशंस कोर्ट की इमारत के बाहर आत्मघाती धमाके हुए थे। उस हमले में भी 12 लोगों की जान गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। उस वक्त पाकिस्तान ने इन धमाकों के लिए भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था।
भारत पर आरोपों को विदेश मंत्रालय ने बताया था भ्रामक
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने तब कहा था कि पाकिस्तान की यह पुरानी आदत है कि वह झूठे नैरेटिव गढ़कर अपने ही देश की असल समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश करता है। उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान के नेता राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता संघर्ष से जूझ रहे हैं और उसी का फायदा उठाकर भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाए जाते हैं। इस्लामाबाद में हुए ताजा धमाके ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।













