ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों और धमकी भरे संदेशों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। तेहरान में अंतिम यात्रा के दौरान ट्रंप की मौत की मांग वाले पोस्टर और नारे सामने आने पर ट्रंप ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका की 1,000 मिसाइलें पूरी तरह तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल करने में कोई देर नहीं की जाएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई की गई तो उसका जवाब बेहद कठोर होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए संदेश में लिखा कि "1,000 मिसाइलें पूरी तरह लॉक और लोडेड हैं। यदि ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता तो हजारों और मिसाइलें दागी जा सकती हैं।" उन्होंने दावा किया कि आवश्यक निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना लंबे समय तक व्यापक सैन्य कार्रवाई करने की पूरी क्षमता रखती है। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर अमेरिका या उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
क्यों भड़के डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया संघर्षविराम समाप्त होने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तल्खी बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि सीजफायर अब प्रभावी नहीं रहा। इसके बाद अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाया है। इन आरोपों के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के 90 से अधिक ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इसी बीच ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का आयोजन हुआ, जहां अमेरिका विरोधी माहौल देखने को मिला।
अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने ऐसे पोस्टर लहराए जिनमें ट्रंप को निशाना बनाते हुए उनकी मौत की बात कही गई थी। कई पोस्टरों पर बंदूक के निशान के साथ संदेश लिखे गए थे कि "अमेरिका ने हमारे नेता को मारा है, हम इसका बदला लेंगे।" जब खामेनेई के पार्थिव शरीर को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा था, तब भी कुछ महिलाओं और अन्य लोगों के हाथों में "किल ट्रंप" लिखे पोस्टर दिखाई दिए।
अमेरिकी नेताओं और नेतन्याहू को भी बनाया गया निशाना
अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे पोस्टर भी थे, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चेहरों को बंदूक के निशाने पर दर्शाया गया था। इन पोस्टरों पर खून का बदला लेने जैसे संदेश भी लिखे गए थे। ट्रंप के खिलाफ खुलेआम सामने आई इन धमकियों ने अमेरिका में भी राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है और ट्रंप ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया है।
'अगर मुझे कुछ हुआ तो…'
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में भी दावा कर चुके हैं कि ईरान उनकी हत्या की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई घटना होती है तो उसके जवाब में अमेरिका की प्रतिक्रिया पहले से तय होगी। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने सैन्य अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश छोड़ रखे हैं कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो ईरान के खिलाफ अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, "मैं पहले ही आदेश दे चुका हूं कि अगर मुझे कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसा हमला किया जाए जिसे इतिहास हमेशा याद रखे।"













