
बांग्लादेश की राजधानी ढाका सोमवार को एक भयावह हादसे का गवाह बनी, जब वायुसेना का एक ट्रेनिंग फाइटर जेट शहर के उत्तरा इलाके में स्थित एक स्कूल की इमारत से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 25 मासूम छात्र शामिल हैं। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और बांग्लादेश की सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बांग्लादेश एयरफोर्स के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) विभाग के अनुसार, एफ-7 बीजीआई ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट ने सोमवार को दोपहर 1:06 बजे ढाका के एक एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण उड़ान भरी थी। उड़ान के लगभग 25 मिनट बाद, विमान उत्तरा क्षेत्र में स्थित माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की इमारत से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और उस समय कक्षा में मौजूद दर्जनों छात्र उसकी चपेट में आ गए।
मंगलवार सुबह एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, ढाका स्थित 'नेशनल बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी इंस्टीट्यूट' के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक सईदुर रहमान ने हताहतों की संख्या की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि करीब 78 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पांच लोगों की हालत गंभीर है।

प्रमुख बांग्लादेशी अखबार, 'द डेली स्टार' ने रहमान के हवाले से बताया, "मृतकों में 25 बच्चे हैं, जिनमें कई की उम्र 12 साल से कम है। अन्य दो पीड़ितों में विमान का पायलट और एक स्कूल शिक्षिका शामिल हैं।"
करीब 78 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है, जिनमें पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। 20 शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है, जबकि छह शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। इनके डीएनए सैंपल ले लिए गए हैं। घायलों में अधिकांश बच्चे ही हैं।

आईएसपीआर के मुताबिक, इस हादसे में कुल 171 लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बांग्लादेशी सेना के जवान और फायर सर्विस के आठ इंजन घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
फायर सर्विस की ओर से जारी बयान में बताया गया कि एयरक्राफ्ट स्कूल की दो मंजिला इमारत से टकराया।
फायर सर्विस एंड सिविल डिफेंस के महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद जाहेद कमाल ने बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र 'प्रोथोम अलो' से कहा, "दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर तीसरी और चौथी कक्षा की पढ़ाई चल रही थी, जबकि दूसरी मंजिल पर दूसरी और पांचवीं कक्षा के बच्चे मौजूद थे। पास में ही प्रिंसिपल ऑफिस का मीटिंग रूम था और एक कोचिंग क्लास भी चल रही थी।"














