
वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कनाडा को निशाने पर लिया है। ग्रीनलैंड में प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम का विरोध करने पर ट्रंप ने कनाडा पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर उसने अमेरिका की सुरक्षा रणनीति का साथ नहीं दिया, तो चीन एक साल के भीतर उसे “निगल जाएगा”। ट्रंप का कहना है कि कनाडा अमेरिका के बजाय चीन के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा है, जो उसके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि कनाडा ग्रीनलैंड में ‘गोल्डन डोम’ बनाए जाने के खिलाफ खड़ा है, जबकि यह परियोजना न केवल अमेरिका बल्कि कनाडा की सुरक्षा को भी मजबूत करती। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट कनाडा ने चीन के साथ व्यापार को तरजीह दी है, जो आने वाले एक साल में ही उसके लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
‘अमेरिका से मिल रही सुविधाओं के लिए कृतज्ञ होना चाहिए’
यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तल्खी लगातार बढ़ रही है। हाल ही में डावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बयानों ने इस तनाव को और गहरा कर दिया। WEF की 56वीं वार्षिक बैठक में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कार्नी पर खुलकर हमला बोला।
ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अमेरिका से कई “मुफ्त सुविधाएं” मिलती हैं, जिनमें उसकी सुरक्षा भी शामिल है, लेकिन इसके बावजूद वह पर्याप्त आभार नहीं जताता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कनाडा को हमसे बहुत कुछ मिलता है। उन्हें आभारी होना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता नहीं। मैंने कल आपके प्रधानमंत्री को देखा, वे ज्यादा कृतज्ञ नहीं दिखे। उन्हें हमें धन्यवाद कहना चाहिए।”
‘अगली बार बयान देने से पहले यह याद रखना, मार्क’
ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने दोहराया कि ग्रीनलैंड में ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम स्थापित करने की उनकी योजना कनाडा को भी सुरक्षा कवच प्रदान करेगी। ट्रंप ने कहा, “कनाडा अमेरिका की वजह से सुरक्षित है। अगली बार जब तुम कोई बयान दो, तो यह बात याद रखना, मार्क।”
उनके ये तीखे शब्द सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को संबोधित थे। कार्नी ने WEF में अपने भाषण के दौरान कहा था कि दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां बड़ी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। उन्होंने टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की राजनीति का भी विरोध किया था, जिसे ट्रंप ग्रीनलैंड खरीदने के लिए एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
चीन के साथ कनाडा की नजदीकी बनी विवाद की जड़
दरअसल, ट्रंप की नाराजगी की एक बड़ी वजह कनाडा और चीन के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी भी है। 17 जनवरी को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ एक नए व्यापार समझौते का ऐलान किया था। कार्नी के मुताबिक, इस डील से कनाडा के कारोबारियों और श्रमिकों के लिए नए बाजार खुलेंगे।
इसके तहत कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाया गया 100 प्रतिशत शुल्क हटाने पर सहमति जताई है। बदले में चीन कनाडा के कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करेगा। चीन के साथ बढ़ती इस नजदीकी ने ट्रंप को असहज कर दिया है और यही कारण है कि बीते कुछ दिनों से वह लगातार कार्नी और कनाडा की नीतियों पर हमलावर नजर आ रहे हैं।
अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस नए मोड़ पर सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता यह तनाव आगे किस दिशा में जाता है और दोनों देश इस चुनौती से कैसे निपटते हैं।














