
भोजन को स्वादिष्ट बनाने में नमक और मसालों का महत्वपूर्ण स्थान होता हैं जिनके बिना भोजन की कल्पना ही नहीं की जा सकती हैं। अब जरा सोचिए की आपके भोजन में मसालों की जगह मिट्टी डाल दी जाए तो। आप सोच रहे होंगे कि भोजन में हल्की मिट्टी आते ही भोजन खाने की इच्छा नहीं होती हैं और ये तो मसालों की जगह ही मिट्टी डाली जाने की बात की जा रही हैं तो ऐसा खाना कोई नहीं खाएगा। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ऐसी जगह हैं जहां सच में मसालों या नमक की जगह रेत और मिट्टी का ही इस्तेमाल होता हैं। हम बात कर रहे हैं होर्मुज आइलैंड की जिसे रेनबो आइलैंड भी कहते हैं क्योंकि यहां की मिट्टी और रेत रंगीन है और पहाड़ भी इंद्र धनुष की तरह नजर आते हैं।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर लोग मिट्टी और रेत क्यों डालते हैं और क्या इससे उनके शरीर पर कोई नुकसान नहीं होता है? आपको बता दें कि यहां कि मिट्टी और रेत में नमक, आयरन और अन्य मिनिरल काफी मात्रा में होते हैं। ये सारे ही मिनिरल शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। इस वजह से लोग रेत का इस्तेमाल करते हैं। खाने में डालने से पहले उसे अच्छे से साफ कर लिया जाता है और फिर डाला जाता है।
यहां के कई पकवान काफी फेसम हैं मगर मछली से बनी डिश काफी फेमस होती है। यहां के ताजे पानी से मछलियों को पकड़ा जाता है। सार्डाइन्स, किल्का और मोमाघ यहां की प्रमुख मछलियां हैं। उन्हें अच्छे से साफ करने के बाद संतरे के छिलके से मैरिनेट किया जाता है और फिर रेत और मिट्टी से बनाए गए खास मसालों से लेप कर धूप में दो दिन के लिए छोड़ दिया जाता है। तब जाकर यहां की सबसे फेमस डिश सुराघ तैयार होती है। दुनियाभर में ये डिश काफी फेमस है। यहां के पहाड़ों में नमक भी है इसलिए अलग से लोग नमक का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं।














