
स्मार्टफोन ऐप्स की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जलवा दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। कंपनियां लगातार ऐसे फीचर्स ला रही हैं, जो यूज़र्स के चैटिंग और ब्राउज़िंग अनुभव को बिल्कुल नए स्तर पर ले जाएं। इसी कड़ी में, दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp अब एक और कमाल का AI फीचर पेश कर रहा है।
इस नए टूल का नाम है Writing Help Assistant, जो मेटा के डेवलप किए गए Private Processing आर्किटेक्चर पर आधारित है। यह फीचर आपके लिखे जा रहे संदेश को और निखारने में मदद करेगा, वो भी बिना आपकी प्राइवेसी से समझौता किए। WABetaInfo के अनुसार, यह सुविधा WhatsApp Beta for Android 2.25.23.7 वर्ज़न में देखी गई है।
स्क्रीनशॉट में दिखा नया बदलाव
WABetaInfo ने इस फीचर का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। इसमें साफ दिखता है कि AI-सक्षम Writing Help, प्राइवेट प्रोसेसिंग के जरिए पूरी तरह सुरक्षित तरीके से मैसेज को प्रोसेस करता है। यह एन्क्रिप्टेड कनेक्शन का इस्तेमाल कर डेटा को रूट करता है, जिससे AI सर्विस आपकी पहचान से किसी भी रिक्वेस्ट को लिंक नहीं कर सकती।
जब भी कोई यूज़र अपने लिखे संदेश को सुधारना चाहेगा, तो Writing Help सिस्टम एक सुरक्षित रिक्वेस्ट भेजकर बेहतर शब्दों के सुझाव देगा।
पेन आइकन से मिलेगी मदद
इस फीचर के एक्टिव होने पर, टेक्स्ट बॉक्स में पहले मौजूद स्टिकर आइकन की जगह एक पेन आइकन नजर आएगा। जैसे ही आप तीन-चार शब्द टाइप करना शुरू करते हैं, यह आइकन आपको मैसेज सुधारने का विकल्प देगा। पेन आइकन पर टैप करके आप Meta AI से सीधे सुझाव प्राप्त कर सकेंगे, जो आपके मैसेज को अधिक प्रोफेशनल, मज़ेदार, सपोर्टिव या प्रूफरीड वर्ज़न में बदल सकता है।
पांच अलग-अलग टोन का विकल्प
कंपनी इस Writing Help में फिलहाल पांच टोन उपलब्ध करा रही है —
Rephrase (दोबारा बेहतर तरीके से लिखना)
Professional (औपचारिक अंदाज)
Funny (हास्यपूर्ण)
Supportive (सकारात्मक और प्रेरक)
Proofread (गलतियां सुधारना)
आगे चलकर WhatsApp इन टोन की संख्या बढ़ा सकता है, ताकि चैटिंग का अनुभव और भी पर्सनलाइज्ड हो सके।
प्राइवेसी बनी रहेगी बरकरार
सबसे अहम बात — Writing Help आपके मूल संदेश या AI द्वारा जनरेट किए गए सुझावों को स्टोर नहीं करता। यह पूरी तरह ऑप्शनल फीचर है और डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है। यानी, जब तक आप Private Processing सेटिंग को ऑन नहीं करते, यह एक्टिव नहीं होगा।
इसके अलावा, रिसीवर को यह पता भी नहीं चलेगा कि मिला हुआ मैसेज AI की मदद से एडिट किया गया है।
कब मिलेगा सभी को?
फिलहाल यह फीचर कुछ चुनिंदा बीटा यूज़र्स के लिए जारी किया गया है। बीटा टेस्टिंग सफल होने के बाद, कंपनी इसे ग्लोबल लेवल पर स्टेबल अपडेट के रूप में रोलआउट करने की योजना बना रही है।














