
तकनीक की दुनिया रफ्तार से बदल रही है। हर साल नई-नई इनोवेशन सामने आ रही हैं, जो पुरानी चीजों को धीरे-धीरे अप्रासंगिक बना रही हैं। कभी जिन चीजों के बिना जीवन अधूरा लगता था, वे अब लगभग गायब हो चुकी हैं — चाहे वो कैसेट टेप हों, फ्लॉपी डिस्क या सीडी प्लेयर। नई पीढ़ी इनमें से कई का नाम तक नहीं जानती। यही सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, क्योंकि आज जिन तकनीकों का हम रोज इस्तेमाल करते हैं, वे भी आने वाले कुछ वर्षों में अतीत बन सकती हैं।
चार्जिंग केबल का अंत अब दूर नहीं
चार्जिंग केबल्स की दुनिया में बीते कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब वायरलेस टेक्नोलॉजी ने अपनी मजबूत जगह बना ली है। स्मार्टफोन से लेकर स्मार्टवॉच तक, ज्यादातर डिवाइस अब वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं। कई मोबाइल कंपनियां तो नए फोन बॉक्स से चार्जिंग केबल हटाने लगी हैं। यह इशारा साफ है — आने वाले कुछ वर्षों में चार्जिंग केबल पूरी तरह गायब हो सकती हैं, और वायरलेस पावर ट्रांसफर नई सामान्य तकनीक बन जाएगी।
रिमोट कंट्रोल होंगे आउटडेटेड
टीवी, एसी और म्यूजिक सिस्टम चलाने के लिए रिमोट कंट्रोल हर घर में मिल जाते हैं। लेकिन अब इनकी जगह धीरे-धीरे वॉइस कंट्रोल टेक्नोलॉजी ले रही है। “Alexa”, “Google Assistant” और “Siri” जैसे वॉइस असिस्टेंट से एक ही आदेश में घर के कई उपकरण कंट्रोल किए जा सकते हैं। नई पीढ़ी के स्मार्ट डिवाइस में एआई इंटीग्रेशन भी जोड़ा जा रहा है, जिससे फिजिकल रिमोट की जरूरत खत्म होती जा रही है। कुछ सालों में यह संभव है कि रिमोट कंट्रोल केवल टेक्नोलॉजी म्यूज़ियम का हिस्सा बन जाएं।
पासवर्ड की जगह लेगी बायोमेट्रिक सुरक्षा
आज डिजिटल दुनिया में पासवर्ड हमारी सुरक्षा की पहली दीवार हैं — चाहे वो बैंकिंग ऐप्स हों, ईमेल या सोशल मीडिया। लेकिन पासवर्ड को याद रखना और बार-बार बदलना अब यूज़र्स को थकाने लगा है। इसीलिए टेक्नोलॉजी कंपनियां अब बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पर जोर दे रही हैं। फिंगरप्रिंट स्कैनर, फेस आईडी, और रेटिना स्कैन जैसी सुविधाएं तेजी से आम हो रही हैं। अगले कुछ सालों में पासवर्ड शायद सिर्फ इतिहास के पन्नों में रह जाएंगे, और हमारी पहचान हमारे चेहरे या उंगलियों के निशान से तय होगी।














